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BSF की परीक्षा में प्रथम आने वाले कश्मीरी युवक को मिल रही है धमकी

कश्मीर घाटी में लेफ्टिनेंट उमर फयाज की हत्या के बाद जम्मू से असिस्टेंट कमांडेंट नबील अहमद वानी ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि आतंकवादी उन्हें और उनकी बहन को धमकी दे रहे हैं। वानी गत वर्ष बीएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा में प्रथम आए थे।

 

 

वानी ने कहा कि चंडीगढ़ में सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा उनकी बहन एक छात्रावास में रह रही थी लेकिन कॉलेज प्रशासन अब चाहता है कि वह कहीं और चली जाएं। वानी ने 14 मई को महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी को पत्र लिखकर निदा रफीक के लिए छात्रावास सुविधा की व्यवस्था कराने के लिए कहा।

 

 

 

वानी ने ग्वालियर के नजदीक टकनपुर में बीएसएफ प्रशिक्षण अकादमी से फोन पर कहा, ‘वह चिंतित है कि उसे एक कश्मीरी होने खासतौर से मेरी पृष्ठभूमि के कारण रहने की जगह नहीं मिलेगी। मैं निजी मामले में बीएसएफ को शामिल नहीं करना चाहता इसलिए मैंने मंत्री को पत्र लिखा।’

 
वानी ने कहा कि उन्होंने बीएसएफ में अपने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि जवानों को छुट्टी पर जाने के समय अपने हथियार साथ ले जाने की अनुमति दी जाए खासतौर पर आतंकवाद प्रभावित इलाकों में रहने वालों के लिए। उन्होंने कहा कि वह अगले दो महीने में अपने रिश्तेदार की शादी के लिए घर जाएंगे।

 
लेफ्टिनेंट उमर फयाज की हत्या के बाद मैं अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। मेरी मां जम्मू में अकेली रहती है जबकि मेरी बहन चंडीगढ़ में है। मैं अब चिंतित हूं क्योंकि आतंकवादी हमारे परिवारों को निशाना बना रहे हैं।

 

 

मेनका गाँधी के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंत्री ने इस मामले को लेकर तुरंत कॉलेज प्रशासन से बात की जिन्होंने अब नबील की बहन को छात्रावास में रहने की अनुमति दे दी है।

 

वानी ने कहा, मैं अब उन सभी कश्मीरियों के लिए चिंतित हूं जो सेना या अर्द्धसैनिक बलों में सेवारत हैं। वानी ने अपनी बहन के बारे में कहा कि वह अब सुरक्षित है। उसके लिए दुआ कीजिए, वह जम्मू-कश्मीर से भारतीय सेना में शामिल होने वाली पहली महिला बनना चाहती है।

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