Monday , April 23 2018

कठुआ गैंगरेप मर्डर: चार्जशीट दाखिल होने के बावज़ूद कुछ मीडिया देश को गुमराह कर रही है!

आसिफा केस के खिलाफ गुस्सा पूरे देश में महसूस किया जा सकता है। जहां सोमवार को मासूम से हुई हैवानियत के खिलाफ बॉलीवुड हस्तियां सड़कों पर उतरीं, वहीं देश के अलग अलग राज्यों में नाबालिग बच्चों के साथ दुष्कर्म करने वालों फांसी की सजा देने की मांग की गई।

कुछ मीडिया के लोग उस जगह पर उन लोगों से बात कर रही है जो खुद आरोपीयों के पक्ष में खड़ा है और उन आरोपीयों को बचाने के लिए धर्म का सहारा ले रहे हैं।

उनका कहना है कि घटना स्थल पर ज्यादातर लोगों का कहना है कि इस मंदिर में रेप जैसी वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सकता क्योंकि यहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। मंदिर में एक ही बड़ा हॉल है, इसी हॉल में देवस्थान है, इसके अलावा यहां कोई कमरा नहीं है।

कठुआ में एक गांव के ‘देवीस्थान’ की देखरेख करने वाले संजी राम को इस अपराध के पीछे मुख्य साजिशकर्त्ता बताया गया है। इस अपराध में विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा, प्रवेश कुमार ऊर्फ मन्नू, सांजी राम का भतीजा, एक नाबालिग, और उसका बेटा विशाल जंगोत्रा ऊर्फ ‘‘शम्मा’’ शामिल थे।

आरोप पत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता का भी नाम है जिन्होंने कथित तौर पर राम से चार लाख रुपए लिए और अहम साक्ष्य नष्ट किए।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 15 पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल किया था जिनमें आठ आरोपियों के नाम शामिल हैं। आरोपियों ने बच्ची के साथ दरिंदगी की हद पार की है। आरोप-पत्र के अनुसार इस पूरी दरिंदगी के पीछे का साजिशकर्ता सनजी राम है।

पुलिस ने दावा किया है कि रासना गांव में देवीस्थान के सेवादार सनजी राम ने बकरवाल समुदाय (अल्पसंख्यक समुदाय) को इलाके से हटाने के लिए बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की साजिश रची थी।

इस घिनौने कृत्य में सनजी राम के अलावा उसका नाबालिग भतीजा और पुलिस अधिकारी भी शामिल है। आरोप-पत्र के अनुसार 10 जनवरी को सनजी राम के कहने पर उसके भतीजे ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर बच्ची को अगवा किया था।

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