Friday , November 24 2017
Home / India / योगा के इस मुस्लिम टीचर ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

योगा के इस मुस्लिम टीचर ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

कोच्चि:  योग सिर्फ एक ख़ास धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है। इस बात को साबित किया है कोच्चि के एक मुस्लिम शख्स ने।

कोच्चि के सियाद वीएस नाम के इस मुस्लिम युवक ने ईमानदारी और निष्ठा का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।

सियाद कहते हैं कि मुस्लिम समुदाय से जुड़े होते हुए योग सीखना और इसे अपने लिए एक प्रोफेशन के तौर पर तैयार करना मेरे लिए बिलकुल भी आसान नहीं था। लेकिन योग ने किसी भी तरह से उनकी मजहबी जिम्मेदारियों को प्रभावित नहीं किया।

योग के लिए मेरा इतना लगाव था कि मेरे योगगुरु एक शर्त पर मुझे योग सिखाने के लिए तैयार हो गए।

मैंने अपने गुरु से वादा किया कि मैं कभी दूसरों को ये महसूस नहीं होने दूंगा कि मैंने योग का अपमान किया है।

अपने गुरु से वादा करने के बाद उन्होंने मुझे योग सीखाना शुरु किया। मैंने कभी किसी को मेरे मजहब और योग पर उंगली उठाने का मौका नहीं दिया।
सियाद योग के साथ-साथ अपने मजहब से जुड़े सभी क्रिया-कलापों को भी पूरी तरह निभाते हैं।

रमजान के दौरान अगर मेरे किसी भी स्टूडेंट को यह फील होता है कि रोजा रखने की वजह से मेरी क्लास प्रभावित हुई है तो यह मेरे मजहब के साथ मेरे प्रोफेशन को लेकर मेरी निष्ठा पर सवाल होगा।

सियाद कहते हैं कि रोजे के दौरान वह और भी ज्यादा ऐक्टिव रहता हूँ। 53 साल की उम्र में भी सियाद का एनर्जी लेवल और डेडिकेशन युवाओं के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर है।

TOPPOPULARRECENT