Thursday , December 14 2017

कोटा: मरीज़ को डॉक्टर नहीं बचा पाए तो तांत्रिक पहुंचा ICU में, मुर्गे की दी बलि

राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 22 वर्षीय हेमराज कुमार की मौत के बाद उसके परिजन चार घंटे तक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में उसका शव लेकर बैठे रहे। जानकारी के अनुसार एक डॉक्टर हेमराज के वेंटिलेटर सपोर्ट को हटाना चाहता था तो उसे ऐसा करने से तांत्रिक ने रोक दिया और कहा कि वह उसे नहीं छेडें, हेमराज जल्द ही जिन्दा हो जाएगा।

 

आठ अप्रैल को एक सड़क दुर्घटना में हेमराज घायल हो गया जिसमें उसके सिर में गंभीर चोटें लगी थीं। अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉक्टर आरके मीणा के अनुसार हेमराज के परिवार वाले एक तांत्रिक को लेकर आए और उसे आईसीयू में ले गये और उसको जिन्दा करने की कोशिश करने लगे।

 

डॉक्टर मीणा के अनुसार तांत्रिक के पास तलवार थी। मंत्रोच्चार के बीच उसने आईसीयू में नींबू काटा लेकिन हेमराज जिन्दा नहीं हुआ। कुछ देर बाद एक आदमी जिन्दा मुर्गा लेकर आया और उसकी आईसीयू में ही मंत्रोच्चार के बीच बलि दी गई। ये सब चार घंटे तक चलता रहा।

 

डॉक्टर मीणा के अनुसार अस्पताल के स्टाफ ने बीच में रोकटोक नहीं की क्योंकि मामला संवदेनशील था। मीणा ने बताया कि जब हेमराज के परिवार के सभी उपाय बेकार हो गये तो वो दोपहर एक बजे शव ले जाने को तैयार हुए। डॉक्टर मीणा ने बताया कि हमने पुलिस में शिकायत नहीं की क्योंकि ये उनके लिए भावनात्मक मसला था।

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