कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत कितना तैयार है?

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विश्व में संकट का पर्याय बन गए कोविड 19 का मुक़ाबला करने में भारत की तैयारियों में कोई कमी नहीं है।

 

खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, कोविड-19 से मुकाबले के लिए देश के 37 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में सरकारी और निजी अस्पतालों एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में क़रीब 137000 आइसोलेशन बेड बनाए गए हैं।

 

इसके लिए केन्द्र सरकार विशेष कर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

 

इसके अलावा भारत ने मरीजों में कोविड-19 की पहचान करने के लिए अपनी टेस्टिंग की क्षमता भी बढ़ा ली है। इसके लिए प्राईवेट कंपनियों को भी अधिकार दिए गए हैं।

 

सरकार ने स्क्रीनिंग टेस्ट की कीमत 1500 रुपये और कंफर्मेशन टेस्ट की कीमत 3000 रुपये तय कर दिए हैं। साथ ही सरकार बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य सेवाओं और इससे संबद्ध सेवाओं से जुड़े कर्मचारी को प्रशिक्षित करने का भी काम रही है।

 

कोविड-19 से मुकाबले के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से व्यक्तिगत सुरक्षा किट और मास्क का आकलन करने और इसकी खरीददारी करने को कहा है।

 

साथ ही केन्द्रीय बफर स्टॉक में पांच लाख पीपीई किट और 10 लाख एन 95 मास्क रखने का आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा एन 95 मास्क और पीपीई के देश से निर्यात पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

 

साथ ही सरकार ने कोविड-19 से मुकाबले के तहत तैयारी के तहत सुरक्षा परिधान और उपकरण बनाने के लिए चार घरेलू निर्माण कंपनियों की भी पहचान की है।

 

दो और तीन स्तरीय मास्क और हाथ साफ करने वाले सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लाया गया है और राष्ट्रीय फार्मा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने कीमतों को नियंत्रित करने का निर्देश दिया है।

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मन्त्री डॉ हर्ष वर्धन हर पल की जानकारी और प्रगति पर पैनी नज़र लगाए हुए है। नागरिकों से लगातार सामाजिक दूरी और लॉक डाउन के परामर्श का पालन करने का अनुरोध किया जा रहा है।

 

केन्द्रीय स्वास्थ एवं परिवार मन्त्री डॉ.हर्ष वर्धन बताते है कि केन्द्र सरकार देश के सभी प्रवेश केन्द्रों पर लगातार निगरानी बरत रही है। इसमें हवाई अड्डा, बंदरगाह, जमीन प्रवेश द्वार शामिल है।

 

इसके अलावा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं जिसका कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इसके अलावा सरकार लगातार जागरूकता अभियान चलाने का काम भी कर रही है और राज्य सरकारों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।

 

साथ ही नागरिकों को अहम जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी और प्रवक्ता प्रतिदिन मीडिया से मुखातिब होने के अलावा, विज्ञापन और सोशल मीडिया पर भी बहुत ही प्रमुखता से अपनी बात रख रहे हैं।

 

मंत्रालय ने हेल्प लाइन नंबर 1075 भी जारी किए हैं जिसके जरिए लोगों को कोविड-19 से जुड़ी हुई जानकारी दी जा रही है।