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हैदराबाद : पोल्ट्री फ़ार्म की मुर्गियों को भोजन में दिया जा रहा घातक एंटीबायोटिक

Business as usual: No impact on sale of chicken and eggs at Chandigarh. Even after Chandigarh administration put on high alert after the confirmation of H5N1 in one of the samples of out of 5 of dead ducks (geese) at sukhna Lake chandigarh. Photo: BALISH AHUJA

हैदराबाद। जांच ब्यूरो ऑफ एक्सिजिएटिव जर्नलिज़्म (बीआईजे), यूनाइटेड किंगडम द्वारा किए गए एक अध्ययन से खुलासा हुआ है कि भारत में पोल्ट्री फ़ार्म की मुर्गियों को घातक एंटीबायोटिक दिया जा रहा है जिसके परिणाम पूरे विश्व में महसूस किए जाएंगे। अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार भारत में सैकड़ों टन एंटीबायोटिक कोलिस्टिन खेतों में भेज दिया जाता है जिससे मनुष्यों के स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा।

इसको मुर्गियों को भोजन में दिया जाता है जो सबसे मजबूत एंटीबायोटिक हैं। मुर्गियों का मोटापा बढ़ाने वाले एंटीबायोटिक से आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। भारत में पोल्ट्री फार्म से लिए सैम्पलों में इसकी मात्रा अधिक मिली है। पोल्ट्री फार्म के जिस कचरे का खाद में इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे भी ड्रग रेसिस्टेंट फैल रहा है।

हैदराबाद और देश के अन्य हिस्सों में बिकने वाले चिकन इसकी मात्रा है जिसके सम्बन्ध में डॉक्टरों का कहना है कि जब इससे ज्यादातर दवाएं किसी व्यक्ति के इलाज में नाकाम रही हैं। दवा कोलिस्टिन पोल्ट्री के विकास प्रमोटर के रूप में भी काम करती है और तेज दर पर पक्षियों के वजन में वृद्धि कर सकती है।

हैदराबाद (रंगारेड्डी जिला) और भारत के अन्य हिस्सों में कि कोलिस्टिन को भोजन के साथ मिश्रित किया जाता है और खेतों में पोल्ट्री को दिया जाता है। खोजी रिपोर्ट विशेष रूप से हैदराबाद के आस-पास पोल्ट्री फार्मों का उल्लेख करती है। जांच से पता चला कि पोल्ट्री उपयोग के लिए हर साल 150 टन कोलिस्टिन आयात किया जाता है।

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