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अवध राजघराने के आखिरी प्रिंस अली राजा की जंगल में गुमनाम मौत के बाद खाली पड़ा हैमालचा महल

खुद को अवध का शासक बताने वाले प्रिंस अली रजा की मौत के बाद अब मालचा महल खाली है। मालचा महल में बीते 40 साल से अवध की रानी विलायत महल के बेटे प्रिंस अली रजा और राजकुमारी सकीना महल रह रहे थे। अब दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं। सरदार पटेल मार्ग के पास सेंट्रल रिज में स्थित यह महल करीब 700 साल पुराना बताया जाता है जो कभी फिरोजशाह तुगलक की शिकारगाह हुआ करता था।

सोमवार सुबह जब महल जाकर देखा गया तो अंदर चारों ओर सामान बिखरा पड़ा था। महल में दाखिल होते ही कुछ पर्शियन कारपेट बिखरे पड़े दिखे। लकड़ी के तख्तों पर कुछ कालीन बिछे हुए थे। इन तख्त पर कुछ किताबें, मालाएं, पुराने पत्र और करीब 40 साल से भी ज्यादा अखबारों की कुछ प्रतियां पड़ी थीं अलमारी खुली पड़ी थी। इसमें राजकुमारी सकीना महल का कुछ सामान था।

1970 के दशक में प्रिंस की मां बेगम ने खूब सुर्खियां बटोरीं जब वह महेंगे फारसी कालीन,  उनकी बहन और कुछ कुत्तों को लेकर दिल्ली रेलवे स्टेशन के पहले दर्ज़े के वेटिंग रूम में डेरा डाला दिया। बेगम अड़ गईं कि जब तक भारत सरकार उनके परिवार के बलिदान को मान्यता नहीं देती है वो अपने लोगों के साथ यहीं रहेंगी। उनका दावा था कि उनके परिवार ने 1857 में ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ भड़के विद्रोह में सक्रिय भूमिका निभाई थी.

उनकी इस बात  को मानते हुए सरकार ने इन्हें एक घर दिया जिसका नाम मालचा महल था। दरअसल यह एक मध्यकालीन शिकारी पड़ाव था। यह दिल्ली के रिज क्षेत्र के जंगल में है.

महल के अंदर अगर जाएज़ा लें तो वहां एक बड़ा भगोना इंटों के बने चूल्हे पर रखा था। शायद इसी में खाना बनाया जाता होगा। पास में ही मेज पर एक ट्रांजिस्टर रखा था साथ में लाल रंग का एक टेलीफोन भी था। इसी फोन के जरिए प्रिंस अली रजा अपने जानने वालों से संपर्क किया करते थे। महल के बड़े हॉल में पुराना फ्रिज भी मिला। इसका इस्तेमाल भी अलमारी के तौर पर किया जाता था। महल की दीवारों पर अब भी रानी विलायत महल की फोटो लगी हैं। वहीं, दूसरी ओर टेबल पर पुराने कप-प्लेट और बर्तन रखे हैं।

महल में पहले चांदी की टेबल और खाने के बर्तन भी चांदी के थे। कीमती जूलरी भी थी। यह सामान हटाया जा चुका है। दरअसल, कुछ साल पहले बावरिया गिरोह ने राजकुमार के सभी कुत्तों को जहर देकर मार डाला था और महल में चोरी की थी।

कुछ समय पहले तक महल में ग्रेटडन, जर्मन शेपर्ड और नेपोलियन जैसी विदेशी नस्ल के कुत्ते थे। लेकिन अब महल में एक भी कुत्ता नहीं है शायद यहां कुत्तों को खिलाने के लिए भी कुछ नहीं बचा था।

बाहर बिखरे सामान में प्रिंस अली राजा के पासपोर्ट की कुछ फोटो कॉपियां पड़ी हैं। पासपोर्ट में लंदन और मिस्र के वीजा लगे थे। 1981 में प्रिंस ने लंदन की यात्रा की थी। पासपोर्ट की कॉपी में प्रिंस की उम्र 17 दिसंबर 1958 है। राजकुमार, ब्रिटेन या विदेशों में होने वाली शादी-समारोह में शामिल होने जाते थे। उनके घराने के ज्यादातर रिश्तेदार ब्रिटेन में रहते हैं। महल के अंदर बिखरे कागजातों में कुछ पत्र भी मिले। यह विदेशों से भेजे गए थे। इनमें अवध की रानी और राजकुमारी लिखकर संबोधित किया गया है।

राजकुमारी सकीना और राजकुमार अली रजा की शादी बचपन में ही हो गई थी। यह जानकारी भी प्रिंस ने करीब दो साल पहले बातचीत में दी थी। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि शादी किसके साथ हुई थी। उन्होंने ये भी बताया था कि राजकुमारी सकीना महल ने ब्रिटिश टीचर्स से अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं की तालीम ली थी। दोनों की ही उम्र करीब 60 से 65 के आसपास रही होगी।

राजकुमारी सकीना महल ने अपनी मां बेगम विलायत महल पर एक किताब लिखी है। इसका नाम है ‘प्रिंसेस विलायत महल : अनसीन प्रेजंस’। यह बुक नीदरलैंड, फ्रांस और ब्रिटेन की लाइब्रेरी में मौजूद है। किताब में विलायत महल के जीवन के कई पहलुओं को उकेरा गया है।

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