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केरला के कोझिकोड की हिजाब पहन कर बॉडी बिल्डर करती मजीज़िया भानु से मिलें

कोझिकोड, केरला : अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के साथ केरला के कोज़ीकोडे की मजीज़िया एक हिजाब पहनी हुई बॉडी बिल्डर है जिसे मीडिया में सबसे अधिक ध्यान दिया है, लेकिन हमेशा सकारात्मक तरीके से नहीं। यहां तक कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही थी और प्रायोजक की तलाश में थी, उसके कपड़े उसके द्वारा कई लोगों के खिलाफ इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, 24 वर्षीय ने सभी के माध्यम से हमला किया और अब अक्टूबर में तुर्की में विश्व आर्म कुश्ती चैम्पियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए आवश्यक प्रायोजन को भूमि में लाने में कामयाब रहा है।

बॉडी बिल्डिंग का नाम सुनते ही हमें अंडरवियर में खड़े लड़के ध्यान आते हैं, जो अपनी मसल्स दिखा रहे हैं. पर अब औरतें के बीच बॉडी बिल्डिंग आम है. जब 1970 में औरतें बॉडी बिल्डिंग में आने लगीं, फिटनेस फ्रीक्स के लिए ये बिल्कुल अनोखी बात हो गई. इसलिए आज बॉडी बिल्डिंग, मसल्स और ट्रेनिंग जैसे शब्द मर्दों के ही लिए ही नहीं है. पर तब भी स्टीरियोटइप्स तो होते ही हैं. लेकिन 23 साल की मजीज़िया भानू उन्हें एक-एक करके तोड़ रही हैं. केरला के कोज़ीकोडे की मजीज़िया एक हिजाब पहनी हुई बॉडी बिल्डर है.

माहे इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेस में डेन्टिस्ट्री की पढ़ाई कर रही मजीज़िया ने जब मिस्टर केरला में अपना फिटनेस शो किया, जजेस उन्हें देखकर दंग रह गए. उन्होंने इससे पहले कभी किसी बॉडी बिल्डिंग इवेंट में भाग नहीं लिया था. उनके मंगेतर और परिवार ने उन्हें पार्टीसिपेट करने के लिए प्रेरित किया.

वे बॉडी बिल्डिंग में नई ज़रूर हैं लेकिन वो वेटलिफ्टिंग की चैम्पियन रह चुकी हैं. 2017 में उन्होंने ‘बेस्ट विमेन पॉवरलिफ्टर इन कोज़ीकोडे’ का खिताब जीता था. बल्कि जिस दिन बॉडी बिल्डिंग कॉम्पीटिशन था, उसी दिन सुबह वो अलाप्पुज़ा के बेंच प्रेस चैम्पियनशिप में पार्टीसिपेट कर रही थी. और उन्होंने वहां ‘द बेस्ट लिफ्टर ऑफ केरला’ का टाइटल भी जीता. भानू ने एक साल से पावरलिफ्टिंग की ट्रेनिंग तो ले रखी थी लेकिन बॉडी बिल्डिंग का कोई आइडिया नहीं था. वो अपने पावरलिफ्टिंग के कोच से मदद मांगतीं और वे वॉट्सऐप के ज़रिए उनकी मदद करते.

मजीज़िया ने पहले 2016 में बॉक्सिंग भी ट्राय की थी. लेकिन वो ब्रेसेस पहनती हैं और इसी के चलते उनको बॉक्सिंग का आइडिया छोड़ना पड़ा. उन्होंने पावरलिफ्टिंग की और अपना ध्यान दिया और जैसे इंग्लिश में कहते हैं, द रेस्ट इज़ हिस्ट्री. वो तीन बार ‘स्ट्रॉन्ग वुमन ऑफ केरला’ का खिताब जीत चुकी हैं. उनको 2017 में एशियन पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल भी मिल चुका है.

हिजाब पहने और अपने आपको पूरा कवर करती हुई मजीज़िया को इजीप्ट की कुछ फीमेल बॉडी बिल्डर्स के वीडियो देखकर प्रेरणा मिली. उन्होंने फिर डिसाइड किया कि वो भी उसी तरह के कपड़ों में कॉम्पटीशन में पार्टीसिपेट करेंगी. उनका मुख्य फोकस अपने आपको एक्सपोज करने से ही था. वो कॉम्पटीशन से पहले इतनी नर्वस थी कि ठीक से मुस्कुरा भी नहीं पा रही थीं. पर साथ के पुरूष बॉडी बिल्डर्स ने उन्हें बढ़ावा दिया. कपड़ों की वजह से दिक्कत नहीं हुई क्योंकि जज अनुभवी थे, वे इन्सान को उसकी फिटनेस से जज कर सकते थे, चाहे वो कैसे भी कपड़े पहने. मजीज़िया अब चाहती हैं कि वो वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप में भाग लें.

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