Thursday , September 20 2018

मक्का मस्जिद केस से जुड़ी डिस्क्लोजर रिपोर्ट गायब, असीमानंद का होना था ट्रायल

हैदराबाद में 2007 में हुए मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले से जुड़ी डिस्क्लोजर रिपोर्ट के गायब होने से इस केस में अब एक नया मोड़ आ गया है। ये रिपोर्ट अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच सील करके रखी गई थी। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले के आरोपी स्वामी असीमानंद का ट्रायल होना था।

रिपोर्ट के गायब होने की घटना मंगलवार को सामने आई. कोर्ट के सामने सीबीआई के मुख्य अधिकारी एसपीटी राजेश बालाजी ने दस्तावेजों की जांच की और पाया कि इसमें से 2 पन्नों की मुख्य रिपोर्ट गायब थी।

दरअसल बालाजी ने इस मामले की पहली चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसके बाद मामला एनआईए को ट्रांसफर कर दिया गया था।एनआईए की स्पेशल कोर्ट के जज के रविंद्र रेड्डी कोर्ट पहुंचे।

उन्होंने केस के दस्तावेज मांगे. मगर काफी ढूंढने के बाद भी दस्तावेज नहीं मिले। इस चक्कर में करीब डेढ़ घंटे कोर्ट की कार्यवाही रुकी रही। काफी ढूढ़ने के बाद दस्तावेज मिले, बालाजी ने पाया कि इन दस्तावेजों में 2 पन्नों की मुख्य रिपोर्ट ही गायब थी।

रिपोर्ट असीमानंद की डिस्क्लोजर रिपोर्ट थी और मेमो ऑफ डिस्क्लॉजर के नाम से चार्जशीट में 88 नंबर पर लगी थी। इसमें आरएसएस के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम थे। ये दस्तावेज इस मामले का मुख्य दस्तावेज माना जा रहा था क्योंकि इसी से असीमानंद के भविष्य तय होना था।

साल 2007 में 18 मई को जुम्मे की नमाज के दौरान मक्का मस्जिद में एक ब्लास्ट हुआ था। इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए हवा में फायरिंग की थी जिसमें कई अन्य लोग मारे गए।

इस मामले में कुल 160 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे। जिनमें आरएसएस प्रचारक भी शामिल थे। इस मामले में आरोपी असीमानंद को 2017 में कोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वो हैदराबाद और सिकंदराबाद नहीं छोड़ सकते।

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