Wednesday , November 22 2017
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फरार भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की तलाश में पुलिस

मंगलवार को हुई हिंसा में बैकफुट पर दिख रही पुलिस ने बुधवार देर रात भीम आर्मी के अध्यक्ष वकील चद्रशेखर और बीएसपी के पूर्व विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू आदि के खिलाफ नामजद एफआईआऱ दर्ज कर ली। गिरफ्तारी के लिए दोनों घरों पर पुलिस ने दबिश भी दी। इसके बाद दोनों फरार हो गए। एसपी सिटी प्रबल प्रताप का कहना है कि 25 एफआईआर अब तक दर्ज हो चुकी हैं।

 

 

चंद्रशेखर समेत सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच होगी। वहीं, रामपुर गांव के प्रधान राजकुमार का कहना है कि प्रशासन बदले की भावना से काम कर रहा है। दलितों के 50-60 घर फूंक दिए गए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की बात नहीं की जा रही है। राजकुमार का कहना है कि प्रशासन एकपक्षीय कार्रवाई कर रहा है।

 

मेरठ जोन के आईजी अजय आनंद ने साफ कहा कि निर्दोषों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। इस बात की भी जांच होगी कि हिंसा कराने के पीछे किसी का हाथ तो नहीं हैं। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर पूरी नजर रखी जाएगी। कितने लोगों ने इसको लेकर अफवाह फैलाई उनके खिलाफ कारर्वाई की जाएगी।

 

 

वहीं, डीएम एनपी सिंह का कहना है कि अमन की कोशिश लगातार जारी है। प्रशासन ने करीब 100 गांव जिले में पहचान किए हैं। इन संवेदनशील गांगों में अफसरों की टीम जिम्मेदार लोगों और युवाओं के साथ मिलकर बैठकें करेंगी। प्यार से रहने की अपील की जाएगी।

 

उधर ठाकुर समाज ने भीम आर्मी के नेता वकील चंद्रशेखर और पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। मांग की गई है कि घटतौली में ‘ग्रेट चमार’ का बोर्ड तुरंत हटाया जाए। ऐसा नहीं होने पर 15 मई के बाद सर्वसमाज आंदोलन करेगा। राजपूत सभा की दूसरी सभा में चंद्रशेखर को गिरफ्तार और रासुका लगाने की मांग की गई।
तनावग्रस्त गांव रामनगर में भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष कमल वालिया ने बताया कि दलितों की आवाज को बुलंद करने का काम भीम आर्मी करती है। 9 मई को सहारनपुर में एक साथ 8 स्थानों पर आगजनी और बवाल हुआ। उसके पीछे 5 मई को थाना बड़गांव के शबीरपुर गांव में महाराणा प्रताप की जयंती निकालने को लेकर दलितों और ठाकुरो में जबरदस्त पथराव और फायरिंग हुई थी।

 

 

इसी घटना से नाराज भीम आर्मी ने 9 मई को दलित छात्रावास में महापंचायत का आयोजन किया था। इसे जिला प्रशासन ने रोक दिया था। इस पर गांव से आ रहे हजारो युवा जब जाम लगाकर हंगामा कर रहे थे तो तभी हिंसा भड़क गई।

 

 

जिलाध्यक्ष भीम आर्मी ने कहा कि पुलिस-प्रशासन एकपक्षीय कार्रवाई कर रहा है, जिससे दलित समाज में आक्रोश है। इतना ही नहीं डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह सहारनपुर समीक्षा करने पहुंचे थे जो सिर्फ ऐसी रूम से ही लखनऊ निकल गए। उन्होंने हिंसाग्रस्त गांव में जाने की जहमत नहीं उठाई। अगर दलितों के साथ अत्याचार होगा तो भीम आर्मी किसी भी मोर्चे पर पीछे नहीं रहेगी।

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