मणिपुर की बेटी ने दिखाई हौसलों की उड़ान, बनी देश की पहली नागा पायलट

मणिपुर की बेटी ने दिखाई हौसलों की उड़ान, बनी देश की पहली नागा पायलट

पूर्वोत्तर से रोवईनई प्यूमाई तमाम रूढ़ीवादी धारणाओं को तोड़कर मणिपुर की पहली नागा महिला पायलट बन गई हैं। मणिपुर की बेटी की इस कामयाबी ने पितृसत्तात्मक समाज को चौंका दिया है।

प्यूमाई ने आज पूरे नागालैंड को गर्वांवित कर दिया है। उन्होंने ना सिर्फ अपने सूबे व समाज का नाम ऊंचा किया है बल्कि महिलाओं को लेकर समाज में चली आ रही उस भ्रान्ति को भी तोडा है, जिसमें महिलाओं की जगह रसोई समझी जाती है।

उन्होंने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिला कर चल रही हैं। प्यूमाई की इस कामयाबी से ना सिर्फ नागालैंड के लोग खुश हैं बल्कि पुरे देश की महिलाओं को ऊंचे सपने देखने की प्रेरणा मिली है।

रोवईइनई प्यूमाई का सपना आसमान में उड़ना था इसलिए उन्होंने खुद को वाणिज्यिक पायलट कोर्स के लिए नामांकित किया और न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया में बेसियर एविएशन कॉलेज से स्नातक किया।

प्यूमाई पीडी सेले की बेटी हैं, जो कि सानपटी जिले के पुरूल रोसोफिल में रहते हैं। इसके साथ ही वह एक पायलट लाइसेंस अर्जित करने वाली अपने समुदाय की पहली महिला बन गई है।

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