Wednesday , April 25 2018

दलित युवक गोपी परिया की पहचान की और मार दिया, दो आरोपी गिरफ्तार

मेरठ। एससी/एसटी एक्ट में हुए बदलाव के विरोध में दलितों द्वारा आहूत बंद में 2 अप्रैल को मेरठ में हिंसा भड़क उठी थी। कंकरखेड़ा में हुई इस आगजनी में गोपी परिया का नाम उपद्रवियों की लिस्ट सबसे ऊपर था। पुलिस ने गोपी के पिता ताराचंद से एक शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जो बसपा नेता हैं।

बुधवार शाम को कुछ लोगों ने गोपी परिया की गोली मारकर हत्या कर दी। बसपा कार्यकर्ता गोपी पारिया की हत्या में क्राइम ब्रांच ने दो मुख्य अभियुक्तों मनोज गुर्जर और कपिल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है।

आपको बता दें कि दो अप्रैल को हुई हिंसा के दौरान शोभापुर की पुलिस चौकी को दंगाइयों ने फूंक दिया था। हिंसा के बाद एक स्थानीय मनोज गुर्जर ने करीब 95 दंगाइयों की लिस्ट पुलिस को दी थी, जिन्होंने हिंसा और आगजनी की थी।

इस लिस्ट में गोपी का नाम सबसे ऊपर था। पुलिस इस लिस्ट को लेकर छानबीन कर रही थी। इसी दौरान गोपी को भी इस बात की भनक लग गई। गोपी और उसके साथियों ने मनोज को घेरकर हमला कर दिया।

इसी दौरान हुई हाथापाई में मनोज ने गोपी को गोली मार दी और उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ताराचंद पारिया ने मनोज गुर्जर, अशोक, कपिल, गिरधारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि मामला दो अप्रैल को हुई हिंसा से जुड़ा हुआ लग रहा है।

बताया कि गोपी पारिया और मनोज गुर्जर पक्ष के बीच पिछले कुछ सालों से विवाद चल रहा था। जिसके चलते यह मामला और अधिक भड़क गया। पुलिस घटना के दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस कुछ सीसीटीवी कैमरों को भी खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस इस फुटेज का आधार पर जांच को आगे बढ़ाएगी।

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