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नसीमुद्दीन सिद्दीकी का आरोप, पार्टी की बैठकों में मायावती मुसलमानों को गालियाँ देती हैं

लखनऊ: बसपा से निष्कासित किये गए दिग्गज नेता नसीमुद्दीन ने बसपा सुप्रीमों मायावती को एहसान फ़रहामोश और घमंडी बताया है।

नसीमुद्दीन ने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी और मायावती के लिए बहुत सारी कुर्बानिया दी हैं। जो बर्ताव मायावती ने उनके साथ किया है। उन्हें इसकी कतई उम्मीद नहीं थी।

नसीमुद्दीन के मुताबिक सतीशचंद्र मिश्र ने साजिश रचकर मायावती को उनके खिलाफ भड़काया है।

मायावती की पोल खोलने लखनऊ पहुंचने से पहले नसीमुद्दीन ने एक खत जारी करते हुए अपना दर्द बयान किया है। उन्होंने मायावती को याद दिलाते हुए लिखा कि साल 1996 में जब मायावती बदायूं जनपद के बिल्सी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही थीं और वह उनके चुनाव प्रभारी थे। उस दौरान उनकी इकलौती बेटी बीमार पड़ गई थी और डॉक्टर ने जवाब दे दिया था।

मैं मायावती के सामने काफी गिड़गिड़ाया लेकिन उन्होंने मुझे जाने नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि मेरी बेटी मर गई। मैं तो उसके अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंच पाया। उनके मुताबिक वह मेहनत नहीं करते तो पार्टी की स्थिति आज बहुत बिगड़ चुकी होती।

उनकी मेहनत और रणनीति के कारण पार्टी को 22 फीसदी से ज्यादा वोट विधानसभा चुनाव में हासिल हुए हैं।

नसीमुदद्दीन का आरोप है कि खुद को मुसलामानों का हितेषी बताने वाली मायावती ढोंगी हैं। उन्होंने कहा कि मायावती कई बार पार्टी बैठकों में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सामने मुसलमानों को भद्दी-भद्दी गालियां बकते हुए दोगला तक कह चुकी हैं।

लेकिन जब मैंने इस बात पर उनका विरोध किया तो उन्हें मेरा बोलना हजम नहीं हुआ। क्योंकि वह तानाशाह हैं। इसलिए मुझे पार्टी से निकाल दिया गया।

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