Friday , June 22 2018

कर्नाटक- एमईपी अध्यक्ष नौहेरा शेख पर लगे उम्मीदवारों से ठगी के आरोप, शिकायत दर्ज़

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस की टक्कर के बीच एक नई पार्टी उभरकर सामने आई थी, जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था। महिला एम्पॉवरमेंट पार्टी (एमईपी) प्रदेश की ज्यादातर सीटों पर उम्मीदवार उतारकर चुनावों के दौरान सुर्खियां भी बटोरीं। पर, अब चुनाव खत्म होने के साथ ही यह पार्टी विवादों में घिर गई है। संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष  नौहेरा शेख पर पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले कई उम्मीदवारों ने ठगी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक शेख ने कथित रूप से चुनाव के लिए उम्मीदवारों को फंड का वादा किया था। यही नहीं, आरोप के मुताबिक उन्होंने उम्मीदवारों को टिकट देने से पहले ब्लैंक चेक और पैसा भी लिया। जबकि चुनाव खत्म होने जाने के बावजूद उम्मीदवारों को पार्टी से कोई पैसा नहीं मिला है।

पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़े 7 उम्मीदवारों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है। उम्मीदवारों का आरोप है कि उन्होंने अपनी बचत, जमीन सब कुछ दांव पर लगाकर चुनाव का खर्च उठाया। कई उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने के लिए कर्ज तक ले लिया। उम्मीदवारों का आरोप है कि पार्टी ने तरह और लोगों को भी ठका है।

सागरा विधानसभा सीट से पार्टी टिकट पर चुनाव लड़ीं शिकायतकर्ता कलावती ने पुलिस को बताया, ‘वादा किया था कि पार्टी फंड से चुनाव के सारे खर्चों को वहन किया जाएगा और चुनाव आयोग द्वारा तय की गई सीमा के मुताबिक, 28 लाख रुपये खर्च किए गए। पार्टी से तो पैसा नहीं मिला बल्कि चुनाव से पूर्व मुझसे चेक ( संख्या-255648) के जरिए 4 लाख रुपये लिए गए। पार्टी ने यह वादा भी किया कि चुनाव के लिए जरूरी चीजें जैसे कि पार्टी का झंडा, लोगो और अन्य सामान उपलब्ध कराया जाएगा।’

कलावती ने बताया कि उन्होंने नौहेरा पर यकीन कर 23 लाख रुपये उधार लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक उन्हें वादे के मुताबिक, एक रुपये भी नहीं मिला है। कलावती ने हमारे सहयोगी अखबार मिरर को बताया, ‘पार्टी ने वादा किया है कि अगले तीन या चार दिनों में सारी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। यदि वह पैसा नहीं लौटा पाते हैं तो हम प्रदर्शन करेंगे।’

‘चुनाव में खर्च के लिए 2 करोड़ का था वादा’
शिवमोगा ग्रामीण विधानसभा से उम्मदीवार कृष्णा एस (46) ने भी शिकायत की है कि पार्टी प्रवक्ता शाहबास खान ने कथित तौर पर उन्हें टिकट का ऑफर किया और पार्टी बैठक में 28 लाख रुपये का फंड देने के एवज में 50 हजार रुपये नकद मांगे गए, जिसे उन्होंने चेक के जरिए अदा किया। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें चुनाव में खर्च के लिए 2 करोड़ रुपये का वादा किया गया था और उनसे एक खाली चेक ले लिया गया। आरोप है कि चुनाव से कुछ वक्त पहले जब कृष्णा ने खान से 28 लाख रुपये लेने के लिए मुलाकात की तो उनकी पिटाई कर दी गई।

‘पैसा मांगने पर कर दी पिटाई’
कृष्णा ने बेंगलुरु मिरर को बताया, ‘यह आंतरिक मामला है और उन्होंने जल्द से जल्द इसे निपटाने को कहा। पर, जब उन्होंने मेरी पिटाई की और हमें धमकी दी जाने लगी तो मैंने और मेरे जैसे अन्य पीड़ित उम्मीदवारों ने शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की। उन्होंने सात-आठ वादे और किए हैं जिसका मैं अभी खुलासा नहीं कर सकता। यदि उन्होंने हमारे पैसे वापस करने से मना किया तो हम मीडिया के सामने आकर उनके दावे और योजनाएं सब बताएंगे।’

‘किसी को पैसा देने का वादा नहीं’
इस पूरे मामले में एमईपी की राज्य इकाई की सदस्य वंदना जैन ने कहा, ‘नौहेरा ने कभी किसी को पैसा देने का वादा नहीं किया। उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए जरूरी सामान देने का वादा जरूर किया था। उन्होंने किसी से भी खाली चेक नहीं ली है। बी-फॉर्म और टिकट के एवज में पैसा इकट्ठा लिया गया। किसी की भी पिटाई नहीं की गई है।’

पार्टी संस्थापक और अन्य के खिलाफ केस दर्ज
उधर, मामले में प्रतिक्रिया देते हुए जीवन भीमा नगर पुलिस ने कहा, ‘हमने इस पूरे मामले में पार्टी संस्थापक और अन्य के खिलाफ धारा-420, 406, 506 और 34 ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया है। हम अकाउंट से जुड़ी जानकारियों के आधार पर जांच कर रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।’

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