Thursday , December 14 2017

भीड़ हिंसा दरअसल मुसलमानों की देशभक्ति का इम्तिहान है: मौलाना तौकीर रजा

औरंगाबाद। भीड़ की हिंसा दरअसल मुसलमानों की देशभक्ति का इम्तेहान है। देशभक्ति की इस लड़ाई में हम सबसे आगे होंगे। इन ख्यालों का इज़हार मौलाना तौकीर रजा खान ने किया। वह औरंगाबाद में मोब लिंचिंग के खिलाफ एक दिवसीय विरोध धरने को संबोधित कर रहे थे। इस धरने में हजारों लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर स्वामी अग्निवेश और इमरान प्रताप गढ़ी ने भी संबोधित किया।

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भीड़ की हिंसा के खिलाफ औरंगाबाद में आपसी एकता की एक और इतिहास रचा गया। महाराष्ट्र मुस्लिम सार्वजनिक समिति की कॉल पर हज़ारों की संख्या में लोगों ने मोब लिंचिंग के खिलाफ धरने में भाग लिया। देश के मशहूर आलिमों ने विरोध धरने को संबोधित किया। आपसी एकता के हामी मौलाना तौकीर रजा खान ने देश के मौजूदा हालात पर रोशनी डालते हुए कहा कि हमारे उलेमा इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गोरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में लिया जा रहा है लेकिन हमें सब्र से कम लेना चहिये ।

इसी तरह प्रसिद्ध कवि इमरान प्रताप गढ़ी ने कहा कि मुसलमान अगर यह सोच रहे हैं कि वे अकेले हो चुके हैं तो वह गलतफहमी का शिकार हैं। हजारों लोगों के इस भीड़ से आर्य समाज के धर्म गुरु स्वामी अग्निवेश ने भी संबोधित किया। अपने भाषण में स्वामी अग्निवेश ने इस्लाम को शांति व सलामती का धर्म बताया। विवादित राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर स्वामी ने कहा कि अगर विवादित स्थल पर जबरदस्ती मंदिर बनाया गया तो देश टूट जाएगा। भारत माता की जय और वंदे मातरम जैसे नारे पर स्वामी अग्निवेश ने अपने तरीके से टिप्पणी की।

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