Sunday , November 19 2017
Home / India / 18 हज़ार से ज़्यादा सैलरी पाने वाले भी अब मज़दूर, मोदी सरकार की नई परिभाषा

18 हज़ार से ज़्यादा सैलरी पाने वाले भी अब मज़दूर, मोदी सरकार की नई परिभाषा

जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरु हो रहा है । इस सत्र में केंद्रीय श्रम मंत्रालय मजदूरी संहिता विधेयक ला सकती है। इस संहिता से सभी प्रकार के उद्योगों में काम कर रहे श्रमिकों को सब जगह लागू एक न्यूनतम मजदूरी दिलाने का प्रस्ताव है।

इसमें ऐसे श्रमिक भी शामिल होंगे जिन्हें 18,000 रुपये से अधिक का मासिक वेतन मिलता है। अभी जो कानून है उसके तहत 18,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले लोग श्रमिक की श्रेणी में नहीं आते हैं।

मजदूरी संहिता विधेयक के बारे में सवाल करने पर श्रम सचिव एम. साथियावथी ने कहा कि, ”हम इस लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं।” हम इसे अगले महीने संसद के मानसून सत्र में पारित कराने की कोशिश करेंगे।

श्रम के मुद्दों पर वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में बनायी गई मंत्रालयी समिति इस संहिता को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। श्रम मंत्रालय विधि मंत्रालय की अनुमति के बाद इसके मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल से पास कराने की प्रक्रिया में है।

यह संहिता केंद्र सरकार को विभिन्न क्षेंत्रों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करने की शक्ति प्रदान करेगी और राज्यों को उसका पालन करना होगा। हालांकि राज्य सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में इससे अधिक न्यूनतम मजदूरी तय कर सकते हैं।

TOPPOPULARRECENT