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आन्दोलन से डरी-सहमी मोदी सरकार ने रोहित वेमुला, कश्मीर और JNU पर बनी फिल्मों पर लगाई रोक

रोहित वेमुला आत्महत्या,  कश्मीर में तनाव और जेएनयू विवाद पर बनी तीन फिल्मों की स्क्रीनिंग पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। इन फिल्मों को केरल में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय डॉक्युमेंट्री एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में होना था। लेकिन इन पर केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय की तरफ से रोक लगा दिया गया है।

 जिन फिल्मों पर फिलहाल रोक लगाया गया है उसमें रोहित वेमुला की आत्महत्या पर ‘द अनबियरेबल बींग ऑफ लाइटनेस’,  कश्मीर में तनाव ‘इन द शेड्स को फॉलन चिनार’ और जेएनयू विवाद पर ‘मार्च मार्च मार्च’ का नाम शामिल है। इन तीनों फिल्मों को सेंसर से छूट नहीं मिली है।

केरल स्टेट चलचित्र एकेडमी के चेयरमैन कमल ने बताया कि उन्होंने लगभग 200 फिल्मों को सर्टिफिकेट के लिए मंत्रालय के पास भेजा है।

उन्होंने कहा, “सभी फिल्मों को सेंसर से छूट मिली है सिवाए इन तीन फिल्मों के। मंत्रालय ने इन्हें छूट नहीं देने के लिए कोई वजह भी नहीं बताई है। मुझे लगता है कि इन तीन फिल्मों को दिखाने की इजाजत इसलिए नहीं मिली है क्योंकि यह देश में असहिष्षुणता के मुद्दे से डील करती हैं।”

इसके बाद उन्होंने बताया, “हमने मामले को लेकर दोबारा अपील की है और आगे जवाब मिलना बाकी है।”

उन्होंने सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा, “हम एक अघोषित इमरजेंसी की स्थिति से जूझ रहे हैं। अब एक ऐसा समय आ गया है जब राजनेता तय करते हैं कि हमें क्या खाना चाहिए, क्या पहनना चाहिए और क्या बातें करनी चाहिए।”

गौरतलब है कि इस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन आगामी 16 जून को शुरू हो रहा है। इसका आयोजन केरल स्टेट चलचित्र एकेडमी कर रही है जो कि राज्य सरकार के सांस्कृतिक विभाग के अंतर्गत आता है।

बता दें कि फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली फिल्मों को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होती पर उन्हें सेंसर से छूट का एक सर्टिफिकेट लेना होता है। यह सर्टिफिकेट को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय देता है। इस सर्टिफिकेट के बिना किसी भी तरह की फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं की जा साकती है।

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