मस्जिद बनने से रोका, इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात!

मस्जिद बनने से रोका, इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात!

संभल जिले में कथित तौर पर अवैध रूप से रातोरात एक मस्जिद तामीर करने की कोशिश की गई। निर्माण कार्य रोके जाने पर तनाव पैदा होगा। इलाके में पुलिस को तैनात कर दिया गया है।

खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, सरैतारीन इलाके में बुधवार की रात मस्जिद निर्माण का काम उस वक्त रोकना पड़ा, जब दूसरे समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई।

इमारत की छत पहले ही पूरी हो चुकी थी। पुलिस ने इसमें नमाज अदा करने से लोगों को रोकने के लिए समूचे परिसर की घेराबंदी कर दी।

जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कृष्णा सिंह ने कहा कि निर्माण को रोकने और किसी भी तरह की झड़प की स्थिति को रोकने के लिए पुलिस की टीम तैनात कर दी गई है।

खबरों के मुताबिक, सरैतारीन में कुछ महीने पहले एक मदरसे के अंदर कुछ लोगों ने नमाज अदा करना शुरू कर दिया था।

बाद में उसी मदरसा परिसर में एक मस्जिद का निर्माण शुरू हो गया और इसके आसपास रहने वाले दूसरे समुदाय के लोग इस पर आपत्ति जताने लगे।

पुलिस के इस पर हस्तक्षेप करने के बाद निर्माण कार्य बंद हो गया, क्योंकि उप-विभागीय मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया था कि आगे कोई भी निर्माण कार्य नहीं हो सकता।

बुधवार की सुबह, आसपास रहने वाले लोगों ने पुलिस को सूचित किया कि पिछली रात को दोबारा इसे बनाने का काम शुरू किया गया।

हयातनगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस अफसर (एसएचओ) रवींद्र कुमार मौके पर पहुंचे और परिसर में ताला लगा दिया। वहां एकत्रित होने वाले लोग पास स्थित एक मस्जिद में गए और वहां लाउडस्पीकर से ऐलान किया कि पुलिस ने उन्हें नमाज अदा करने से रोका है और नई मस्जिद से पवित्र पुस्तक को बाहर फेंक दिया है।

जल्द ही वहां एक बड़ी भीड़ जमा हो गई और पुलिस की मौजूदगी में महिलाओं ने ताले तोड़ दिए।

कलहपूर्ण स्थिति को भांपते हुए कुछ वरिष्ठ नागरिक और जिला पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति पर नियंत्रण के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात कर दिया।

इसके बाद अधिकारियों ने समुदाय के सदस्यों संग बातचीत की और उन्हें मदरसा परिसर के खुलने का आश्वासन दिया और यह भी कहा कि वे नमाज को छोड़कर बाकी सभी धार्मिक गतिविधियां यहां जारी रख सकते हैं।

जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कृष्णा सिंह ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है और निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। एहतियात के तौर पर आरएएफ और पुलिस अभी भी वहां तैनात हैं।”

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