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मध्यप्रदेश में बीजेपी छीनने में लगी अभिव्यक्ति की आजादी, लेख लिखने पर महिला IAS को भेजा नोटिस

भोपाल: मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के राज में अब अभिव्यक्ति की आजादी भी छीनी जा रही है। राज्य सरकार ने एक महिला आईपीएस दीपाली रस्तोगी को नोटिस भेजा है।

दरअसल वजह यह है कि उन्होंने एक लेख में खुले में शौच से मुक्ति अभियान को उपनिवेशी मानसिकता से ग्रस्त बताया था।

अपने इस लेख में दीपाली ने कहा है कि सरकार को भारत में ये अभियान विदेशी लोगों के कहने पर लाई है। जिनकी वॉशरूम हैबिट हम से काफी अलग है।

उन्होंने कहा कि खुले में शौच सही नहीं है तो सरकार ने इतना बड़ा अभियान चला दिया। गाँव में रहने वाले लोग लंबी दूरी तय करके पानी लाते हैं। क्या ऐसे में वो एक घड़ा पानी टॉयलेट में डाल सकते है?

दीपाली के इस लेख पर उन्हें नोटिस भेजे की काफी आलोचना की जा रही है। एक अधिकारी का कहना है कि दीपाली ने लेख में कुछ भी गलत नहीं लिखा गया। यह बात कई बार पहले उठ चुकी है और कुछ हद तक सही भी है।

अब क्या अधिकारी कोई समस्या के बारे में बात या अपनी राय भी नहीं दे सकते ? अभिव्यक्ति की आजादी को कोई कैसे रोक सकता है।

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