देश की एकता के लिए कारसेवकों पर चलवाईं गोलियां- मुलायम सिंह यादव

देश की एकता के लिए कारसेवकों पर चलवाईं गोलियां- मुलायम सिंह यादव
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समाजवादी पार्टी के  संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने अपने 79वें जन्मदिन पर सपा राज्य मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में खुल कर बोले उन्होंने कहा की अगर वह अयोध्या में मस्जिद नहीं बचाते तो ठीक नहीं होता क्योंकि उस दौर में कई नौजवानों ने हथियार उठा लिए थे। मुलायम ने यह भी दावा किया की मुसलमानों ने सपा का साथ नहीं छोड़ा है। मुसलमान सपा को उसी तरह का वोट दे रहा है, जितना पहले दे रहा था। जिन मुसलमानों ने वोट दिया उनमें से 90 प्रतिशत ने सपा को ही दिया।

मुलायम ने बाबरी मस्जिद पर भी अपनी बेबाक राय रखी उन्होंने ने कहा की  ‘‘1990 में अपने कार्य काल में देश की एकता के लिए कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं। उसमें 28 लोग मारे गए। अगर और मारने होते तो हमारे सुरक्षाबल और मारते।’’

उन्होंने कहा कि अयोध्या में गोली चलवाने के बाद भी 1993 के चुनाव में सपा 105 सीटें जीत गई थी और  सरकार बन गई थी। उस वक्त सपा के नौजवान कार्यकर्ता जैसे थे, आज उन जैसे नौजवानों की कमी है। कई तो अपने गांव के बूथ नहीं जिता सकते।

मुलायम ने कहा, ‘‘एक बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकसभा में कहा था कि अयोध्या में गोली चलने से 56 लोगों की मौत हुई थी। हमने कहा कि अगर आप 56 की सूची हमें दे दें तो मैं पैर छूकर माफी मागूंगा। उनके पास सूची नहीं थी। सचाई यह थी कि 28 लोग मरे थे, उनमें से जो 12 उपेक्षित रह गए थे, उनके परिजन की मैंने चुपचाप मदद कर दी थी।’’ सपा संस्थापक ने कहा कि आज उनका जन्मदिन भव्य तरीके से मनाया जा रहा है लेकिन आज भी 35 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो दिन में दो बार अरहर की दाल के साथ खाना नहीं खा सकते। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ताकीद कि ‘हमारा जन्मदिन मनाना तब सफल होगा, जब संकल्प करके जाना कि जहां पर जो भी व्यक्ति अभाव में हो, उसका साथ दो। चुपचाप मदद करो ताकि उसे हासिल करने वाले व्यक्ति की बदनामी ना हो।’

 

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