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दूल्हे के घर में शौचालय नहीं हुआ या DJ बजा तो उलेमा नहीं पढ़ाएंगे निकाह

मेवात: दूल्हे के घर अगर शौचालय नहीं हुआ तो उसका निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा। यह फैसला मेवात के त्रिवाड़ा गांव के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने की है। गुरूवार को यह पंचायत एक मदरसा में सामाजिक जागरुकती फैलाने के लिए किया गया। इस पंचायत में लगभग 110 गांवों के मुफ्ती, मौलवी और इमाम शामिल हुए।

पंचायत में शामिल हुए उलेमाओं ने फैसला लिया कि शराब पीने, खुले में शौच करने, शादियों में डीजे बजाने वालों का निकाह वे नहीं कराएंगे। उन्होंने कहा कि जिस दूल्हे के घर में शौचालय नहीं होगा, उसका निकाह किसी भी सूरत में नहीं कराया जाएगा।

इस दौरान यह भी फैसला लिया गया कि मोबाइल एसएमएस या किसी दूसरे तरीको से नशे के आदी पति ने अगर अपनी पत्नी को तलाक दिया और दोबारा फिर अपनी पत्नी निकाह करना चाहे तो उसे जीवन भर नशा नहीं करने का हलफनामा देना होगा।

मौलाना मोहम्मद याहया करीमी ने बताया कि जिले में ही नहीं देशभर में युवा नशे के आदी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमियत उलमा-ए-हिंद युवाओं को नशा से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन देगी। इसमें देश में सभी शराब फैक्ट्रियों और ठेकों को बंद करने का अनुरोध किया जाएगा।

मौलाना करीमी ने बताया कि नशे पर लगाम करने के लिए जल्द ही देशभर में एक हजार से अधिक बैठकें की जाएंगी। मुस्लिम धर्मगुरु अपने-अपने इलाके में बैठक करेंगे और लोगों के भीतर जागरूकता पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर तीन तलाक देना गलत है।

बता दें कि मेवात में कुल 332 गांव है। इनमें से करीब 250 गांव मुस्लिम बाहुल्य है। मेवात के कुल गांवों की आबादी करीब 12 लाख 83 हजार है। इसमें से मुस्लिम बाहुल्य गांवों की आबादी करीब 9 लाख के आसपास है।

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