मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा तीन तलाक नहीं है बल्कि शिक्षा और सुरक्षा है: डॉक्टर असमा ज़ोहरा

मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा तीन तलाक नहीं है बल्कि शिक्षा और सुरक्षा है: डॉक्टर असमा ज़ोहरा

जयपुर: तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा होने के नज़रिए को रद्द करते हुए आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की महिला विंग की अध्यक्ष डॉक्टर असमा जोहरा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा तीन तलाक नहीं बल्कि शिक्षा, रोज़गार और सुरक्षा है।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

यह बात उन्होंने आज यहाँ जयपुर में तीन तलाक बिल के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं की रैली से एक दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस से ख़िताब करते हुए कही बल्कि सिविल कांट्रेक्ट है, कोई भी मुस्लिम महिला पति से अलग हो सकती है और दूसरी शादी कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार तीन तलाक बिल के ज़रिए मुस्लिम महिला पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार तीन तलाक बिल के ज़रिए मुस्लिम महिलाओं पर अत्याकाह्र कर रही है।

उन्होंने कहा कि यह कौन तय करेगा कि पुरुष ने तीन तलाक दी है या एक तलाक। जब तक अदालत तीन तलाक के बारे में फैसला करेगी उस समय तक महिला की जिंदगी बर्बाद हो चुकी होगी। उन्होंने तीन तलाक बिल को खामियों से भरा हुआ बताते हुए कहा कि किसी भी कानूनविद ने उसे अच्छा नहीं कहा है बल्कि उसे खामियों से भरा हुआ बताया है।

Top Stories