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सड़क पर उतरी हज़ारों मुस्लिम महिलाएं, कहा- शरीयत और इस्लाम में दखलअंदाजी न करे मोदी सरकार

उत्तर प्रदेश: बिजनौर की हजारों महिलाओं ने शरीयत और इस्लाम में दखलअंदाजी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

शरीयत के पक्ष में एकजुट हुई इन महिलाओं ने मौन प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पीएम मोदी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम आजाद भगत सिंह को सौंपा। इस प्रदर्शन में हर उम्र की महिला शामिल हुई।

इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए सुबह सात बजे से ही महिलाएं कराल रोड स्थित पूर्व विधायक इकबाल ठेकेदार के आवास पर जुटने लगी थी। बसपा के पूर्व विधायक मो. इकबाल और शेख इस्लाह तंज़ीम ने ही इस कार्यक्रम को आयोजित किया था।

मौन प्रदर्शन शुरू करने से पहले महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक जैसे मुद्दों पर वे शरीयत में दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगी।

इसके बाद महिलाएं हाथों में अनेक नारे लिखी तख्तियां लिए कराल रोड, रेलवे फाटक, बिजनौर बाईपास रोड, हल्दौर चौराहा, नहटौर चौराहा, मोहल्ला पतियापाड़ा, स्याऊ होते हुए तहसील पहुंची। जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति और पीएम के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

इसमें लिखा हुआ था कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे तीन तलाक के मुद्दे पर 99 फीसदी मुस्लिम महिलाएं इसे अपनी धार्मिक आजादी के मौलिक अधिकार के हनन का मामला समझती हैं और मुस्लिम शरीयत में दखलअंदाजी मानती हैं।

तीन तलाक को सरकार सिर्फ एक ही पहलू दिखाकर गलत साबित करना चाह रही है। असल में सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है।

उनका कहना है कि मुस्लिम शरीयत ने जो समानता, अधिकार और सम्मान उन्हें दे रखा है, उसकी छत्रछाया में रहकर हमारा समाज पूरी तरह से संतुष्ट है। इसलिए शरीयत में दखलंदाज़ी करने से अच्छा है की देश में भाईचारे को मजबूत बनाने के लिए बढ़ावा दिया जाए।

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