Wednesday , April 25 2018

क्या बीजेपी नेता राम माधव के बारे में आपत्तिजनक दावे फ़र्ज़ी हैं ?

कोहिमा। पिछले कुछ महीनों में आरएसएस के कार्यवाहक और भाजपा के पूर्वोत्तर प्रभारी राम माधव उत्तर पूर्वी राज्य में आये और काफी समय बिताया। इस दौरान एक वेबसाइट ‘द न्यूज़ ज्वाइंट’ ने एक लेख में 10 फ़रवरी को दीमापुर आए राम माधव के बारे में आपत्तिजनक दावे किए थे कि उनको महिलाओं के साथ होटल के कमरे में देखा गया।

नागालैंडकी राष्ट्रीय समाजवादी परिषद (एनएससीएन) ने माधव की कुछ गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड भी किया। वेब साइट के अनुसार माधव को कैमरे पर यौन क्रिया करने के लिए मजबूर किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वोत्तर मामलों के प्रभारी राम माधव ने अपने बारे में ‘फ़र्ज़ी ख़बर’ प्रकाशित करने वाली एक वेबसाइट के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया है।

इस घटना पर अपनी शिकायत में भाजपा ने कहा है कि समाचार पूर्ण रूप से फ़र्ज़ी है और ये हमारे राष्ट्रीय महासचिव राम माधव का चरित्र हनन करके 27 फ़रवरी को होने वाले चुनावों के लिए हमारे कामयाब चुनावी प्रयासों को चोट पहुंचाने के लिए लिखी गई है। पार्टी का कहना है कि राम माधव दस फ़रवरी को सिर्फ़ तीन घंटों के लिए दीमापुर आए थे और यहां पार्टी नेताओं की बैठक करके लौट गए थे। जैसा दावा किया जा रहा है ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

इस ख़बर को लेकर नागालैंड में ख़ासी चर्चा रही। कथित ख़बर में नागा संगठन एनएसीएन के पास राम माधव का एक वीडियो होने का दावा किया गया था और कहा गया था कि एनएससीएन भाजपा पर 27 फ़रवरी को होने वाले चुनाव रद्द करने का दबाव बना रही है।

हाल ही में नागा समुदाय के शीर्ष संगठन नागालैंड ट्राइबल होहो एंड सिविल ऑर्गेनाइजेशन ने राज्य में 27 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों को टाल देने की वकालत करते हुए सात दशक से अधिक पुराने नागा मसले का समाधान निकालने की अपील की थी.

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