Wednesday , July 18 2018

लापता नजीब: अदालत ने दिया गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद में गवाहों के बयान दर्ज करे। यह अक्टूबर 2016 से लापता हैं। याचिकाकर्ता अहमद की मां है जिन्होंने मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाने के लिए अदालत में एक आवेदन भी दिया है।

 

दो सीलबंद पैकेट जिनमें से एक सीएफएल रिपोर्ट है जिसमें 9 छात्रों के कॉल विवरण और नजीब का लैपटॉप और कॉल का रिकॉर्ड अदालत में दिल्ली पुलिस द्वारा पेश किया गया था। अदालत ने उस चालक के बयान दर्ज करने के लिए भी कहा है जो नजीब को जेएनयू से जामिया लाया था।

 

मामले की अगली सुनवाई 12 मई है। इससे पहले फरवरी में दिल्ली पुलिस को इस मामले में धीमी गति को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने खटखटाया था और अहमद के लापता होने से जुड़े अन्य लोगों की पॉलीग्राफ टेस्ट जैसी जांच की संभावनाओं का पता लगाने के लिए कहा गया था।

 

छात्र अक्टूबर 2016 में गायब हो गया था और लगभग चार महीने हो गए हैं और नजीब का कोई भी सुराग नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस द्वारा लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए सहमति देने के लिए ट्रायल कोर्ट से जारी नोटिस को भी चुनौती दी गई। 27 वर्षीय नजीब प्रथम वर्ष एमएससी में अध्यनरत था।

आरएसएस की छात्र विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के साथ कथित तौर पर लड़ाई के बाद वह जेएनयू छात्रावास से गायब हो गया।

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