Thursday , July 19 2018

VIDEO: श्रीलंका में राष्ट्रीय बौद्ध संस्थाओं ने एलुथगामा दंगे के बाद से ही मुस्लिम विरोधी कैंपेन चलाए थे

साम्प्रदायिक हिंसा मे जल रहे श्रीलंका मे सरकार ने इमरजेंसी लगा दी है। सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इमरजेंसी लगाई गई है।

सोमवार को कैन्डी नाम के शहर में कर्फ्यू लगाई गई थी। इससे पहले एक बौद्ध शख्स की हत्या हो गई थी और मुस्लमों की दुकानों में आग लगा दिया गया था।

पुलिस के बयान के अनुसार बौद्ध और मुस्लिमों के बीच तनाव की स्थिति कई दिनों से चल रही थी। पुलिस ने कहा था कि कैन्डी जिले में ही दंगे के मामले हुए हैं मगर सूत्रों के अनुसार पूरा देश हिंसा की चपेट में है।

श्रीलंका में इससे पहले भी सांप्रदायिक हिंसा में काफी जानें गई हैं। यहां 10 फीसदी आबादी मुस्लिमों की है और 75 फीसदी लोग बौद्ध हैं. 13 फीसदी हिन्दूओं की आबादी भी यहां रहती है। यहाँ कुछ लोग राष्ट्रीय बौद्ध संस्थाओं को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

फरवरी में दोनों संप्रदायों के बीच हिंसा में 5 लोग घायल हो गए थे और काफी दुकानों और मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2014 में एलुथगामा दंगे के बाद मुस्लिम विरोधी कैंपेन चलाए गए थे।

कुछ बौद्ध समूहों ने आरोप लगाया था कि मुस्लिम जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। 2015 में सत्ता में आने के बाद राष्ट्रपति एम सिरेसेना ने कहा था कि वे मुस्लिम विरोधी हिंसा के मामलों की जांच करवाएंगे।

हालांकि, बाद में कुछ खास नहीं हुआ। गौरतलब है कि फ़िलहाल टीम इंडिया भी श्रीलंका मे है और आज ही उसे अपना पहला मैच खेलना है। हालांकि इन हालात मे भी श्रीलंकन क्रिकेट बोर्ड और सरकार ने मैच को तय समय पर शुरू किये जाने का दावा किया है।

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