नेताजी सुभाष चंद्र बोस संघ के कामों से प्रभावित थे- RSS

नेताजी सुभाष चंद्र बोस संघ के कामों से प्रभावित थे- RSS
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दावा है कि संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने खुद भी आजादी के आंदोलन में भाग लिया था। साथ ही संघ की शाखाओं में उन्होंने स्वयंसेवकों से आजादी के आंदोलन में ताकत से कूद पड़ने का आह्वान किया था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी संघ के काम से प्रभावित थे।

सूत्रों के मुताबिक, अब संघ ‘भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता’ नाम की इस किताब के जरिए अपने ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है। अब तक इतिहासकार संघ पर यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनका आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं है। संघ के लोग इस आरोप को यह कहकर खारिज करते रहे हैं कि यह सब वामपंथी इतिहासकारों का झूठ है।

किताब में दावा किया गया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी संघ के काम से प्रभावित थे। किताब में लिखा है, ‘1928 में हुए कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में हेडगेवार भी कांग्रेसी नेता के रूप में भाग लेने गए थे। वहां पर उन्होंने सुभाष चंद्र बोस सहित कई दिग्गज नेताओं से भेंट की।’

दावा किया गया है कि हेडगेवार और बोस के बीच भविष्य में संयुक्त रूप से स्वतंत्रता आंदोलन को एक निश्चित दिशा और गति देने जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। संघ के काम को देखने और समझने के बाद बोस ने कहा था कि केवल ऐसे आधारभूत कार्य से ही राष्ट्र का सच्चा पुनरुद्धार किया जा सकता है।’

किताब में लिखा है, ‘हेडगेवार ने 26 जनवरी 1930 को देश के प्रत्येक प्रांत में स्वतंत्रता दिवस मनाने वाले नेहरू के आदेश पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए समस्त देश में, विशेषतया संघ की शाखाओं में स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्देश दिया।’

किताब में दावा किया गया है कि गांधीजी के सत्याग्रह में स्वयंसेवकों ने बढ़चढ़कर भाग लिया और खुद हेडगेवार ने भी सत्याग्रह किया। इसमें लिखा है कि 1930 में भी दशहरे के दिन पथ-संचलनों के कार्यक्रम हुए, लेकिन इस बार सभी शाखाओं में एक पत्रनुमा पेपर पढ़ा गया।

इसमें स्वतंत्रता संग्राम में पूरी ताकत से कूद पड़ने का आह्वान किया गया था। इसमें लिखा था ‘जब तक हमारी मातृभूमि परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त नहीं हो जाती और राष्ट्र सबल और वैभवशाली नहीं हो जाता, हमें सुख की तनिक भी लालसा करने का कोई अधिकार नहीं।’

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