नई दिल्ली : एसडीपीआई समेत कई संगठनों ने अन्याय और अत्याचार के विरोध में बुलंद की आवाज

नई दिल्ली : एसडीपीआई समेत कई संगठनों ने अन्याय और अत्याचार के विरोध में बुलंद की आवाज
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नई दिल्ली। 2 अप्रैल 2018 को अजा-जजा एक्ट में बदलाव सम्बंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश के विरुद्ध सफल भारत बंद के बाद अनुसूचित ज़ाति के महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और नौजवानों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करके उन्हें घरों में से जबरदस्ती पकड़ कर थाने में बंद करके बुरी तरह से पिटाई करने और जेल भेजकर उन पर पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकारों द्वारा देश के कई राज्यों में किए जा रहे क्रूर व घोर अमानवीय अन्याय और अत्याचारों के विरोध में विभिन्न संगठनों” द्वारा 08 अप्रैल, रविवार को शाम 5 बजे से दिल्ली में मंडी हाउस के गोल चक्कर से संसद भवन तक कैंडल मार्च” का आयोजन किया।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इन्डिया (एसडीपीआई) दिल्ली प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया इस अवसर पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इन्डिया दिल्ली प्रदेश के संयोजक डा निजामुद्दीन खान ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की तानाशाही सरकारों और आरएसएस की फासीवादी नीतियों के विरोध में उठने वाली हर आवाज को ताकत के दम पर दबाने की कोशिशें की जा रही हैं जो देश में स्वस्थ लोकतंत्र एंव संविधान के लिए बेहद खतरनाक बात है।

अन्याय, अत्याचार, दमन,शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद करने वाले सभी इंसाफपसंद लोगों, सामाजिक और राजनैतिक संगठनों को साथ खड़ा होना पड़ेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकारी संरक्षण में दलित समाज पर हो रहे अन्याय और अत्याचार के विरोध में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इन्डिया उनके साथ है।


उन्होंने सरकार से मांग की कि भारतीय संविधान में छेड़छाड़ बंद किया जाए, 2 अप्रेल के भारत बंद में शहीद नौजवानों के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, शांतिपूर्ण को बंद के दौरान हिंसा करने की साजिश करने वालों को अविलम्ब गिरफ्तार किया जाए तथा देश कई प्रांतों में हो रहे दलितों का शोषन एवं उत्पीडन रोका जाए। कार्यक्रम में बहुजन भारत महासभा ,सोशल डेमोक्रेक्टिक पार्टी ऑफ इंडिया, भीम आर्मी दिल्ली प्रदेश, राष्ट्रीय जनहित संघर्ष पार्टी समेत कई अन्य संगठन भी शामिल हुए।

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