अब तत्काल पासपोर्ट के लिए नहीं चाहिए वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट, जारी हुआ नया सर्कुलर!

अब तत्काल पासपोर्ट के लिए नहीं चाहिए वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट, जारी हुआ नया सर्कुलर!

नई दिल्ली। तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए अब आपको किसी आइएएस, आइपीएस या केंद्र व राज्य सरकार के प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारियों के दफ्तर या घर का चक्कर नहीं काटने होंगे।

इन अधिकारियों के वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट के बिना ही आपको तत्काल पासपोर्ट मिल जाएगा। विदेश मंत्रालय ने तत्काल पासपोर्ट आवेदकों को बड़ी राहत देते हुए अब वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट देने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है।

कोलकाता में पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा व सिक्किम के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी बिभूति भूषण कुमार ने बताया कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

अब आधार कार्ड के साथ पहले से तय 12 दस्तावेजों- वोटर, पैन कार्ड, बैंक-पोस्ट ऑफिस पासबुक, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाणपत्र, कर्मचारी पहचान पत्र आदि में से कोई दो दस्तावेज के अलावा कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होने का स्वयं घोषित शपथपत्र के साथ आवेदन करने पर तीन दिन के अंदर ही

तत्काल पासपोर्ट जारी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि तत्काल पासपोर्ट के लिए सामान्य पासपोर्ट से 2000 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। अभी व्यस्क नागरिकों के लिए सामान्य में1500 रुपये, जबकि तत्काल पासपोर्ट की फीस 3500 रुपये देना होता है।

अमूमन पुलिस वेरिफिकेशन में देरी के चलते अभी सामान्य पासपोर्ट जारी होने में कम से कम 40 दिन का वक्त लग जाता है। ऐसे में यदि आप 2000 रुपये अतिरिक्त भुगतान कर तत्काल के लिए आवेदन करते हैं तो तीन दिन में ही पासपोर्ट जारी हो जाएगा।

तत्काल में पहले की तरह पुलिस वेरिफिकेशन की औपचारिकता बाद में पूरी की जाएगी। तत्काल पासपोर्ट बनवाने में आम लोगों को सबसे बड़ी समस्या प्रथम श्रेणी के राजपत्रित अधिकारियों से वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने में होती थी।

पासपोर्ट आवेदक को व्यक्तिगत रूप से जाने-पहचाने बिना कोई बड़े अफसर सर्टिफिकेट नहीं देते थे या हिचकते थे। इसके अलावा सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर दलालों का गिरोह भी सक्रिय था जो अधिकारियों से सांठ-गांठ कर पैसे लेकर सर्टिफिकेट दिलाते थे।

पिछले दिनों ऐसे कई मामले पकड़ में भी आए जिसके बाद सख्ती बरती गई। लेकिन अब इससे पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।

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