Friday , December 15 2017

अच्छे व्यवहार की वजह से बम धमाकों के आरोपी साकिब रिहा, पुलिस ने बुद्धिमान और अच्छा व्यक्ति बताया

मुंबई: उरुसुल बलाद में मुंबई सेंट्रल, विले पारले और मुलुंड में 2002 और 2003 में होने वाले बम धमाकों के आरोपी साक़िब नाचन को जेल में अच्छे व्यवहार के कारण जेल से रिहा कर दिया गया। इन तीन बम धमाकों में कई लोग मारे गए थे। उन्हें धमाकों की साजिश रचने के आरोप में 10 साल की सजा का हुक्म दिया गया था। हालाँकि अभियोजन ने उम्रक़ैद की सज़ा का मांग किया था।

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साकिब जेल में सबसे ज़्यादा अनुशासन और फरमाबरदार कैदी समझे जाते थे। उन्हें उनके अच्छे व्यवहार और बेहतर अनुशासन के कारण पांच महीने और 13 दिन पहले रिहा कर दिया गया। 57 वर्षीय साकिब एक साल आठ महीने जेल में रहे और उससे पहले मार्च 2016 तक लंबित कैदी के तौर पर जेल में बिताए। नाचन प्रतिबंधित एसआईएम के पूर्व सचिव थे। वह एक उच्च शिक्षित कैदी थे जो आतंकवादी हमले में लिप्त पाए गए।

डॉक्टर होने के साथ नाचन एमबीए और इंजीनियरिंग के छात्र भी थे। उन्हें पांच महीने 13 दिन पहले रिहाई दी गई। उनका संबंध मुंबई से 65 किलोमीटर दूर भिवंडी के पड़घा गांव से है, जहां उच्च शिक्षित मुस्लिम रहते हैं और इस गाँव के कई शिक्षित युवा आतंकवाद में लिप्त पाए गये हैं।

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