Saturday , December 16 2017

मांझी के बयान से बढ़ी भाजपा की मुसीबत, कहा- नहीं मिलना चाहिए पाटीदारों को आरक्षण

गुजरात विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे है वैसे वैसे राजनितिक दलों की धड़कने बढ़ती जा रही है। राज्य में चुनाव प्रचार के लिए जहां कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित कई दिग्गज नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। वही बीजेपी के ही सयोगी दल के नेता अभद्र बयान बाजी कर सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

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गुजरात में भाजपा पहले से ही पाटीदार युवाओं के विरोध के बाद से लगातार परेशानी झेल रही है, लेकिन उनके जख्म पर नमक छीटने का काम उनके ही एक सहयोगी पार्टी के मुखिया ने की है। उनहोंने पाटीदारों के विरोध में बयान देकर पार्टी को और मुश्किल में डाल दिया है।
दरअसल, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने गया में स्थित अपने आवास पर पत्रकारों को संबोधित किया, जिसमे उनहोंने गुजरात विधानसभा चुनाव में एक बार फिर अपार बहुमत से राजग की सरकार बनने का दावा करते हुए कहा कि गुजरात के पाटीदारों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

उनहोंने कहा कि गुजरात में पाटीदार समाज की हैसियत जमींदारों जैसी है, ऐसे में वहां दलित एवं पिछड़ों को मिले आरक्षण में कटौती कर पाटीदारों को आरक्षण देने की बात को कही से भी न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण का कोई पैमाना तय करना है तो आबादी के अनुपात के अनुसार आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि पिछले दो सालों में उभरकर सामने आए पाटीदार, ओबीसी और दलित समुदायों को प्रभावित करने वाले तीन युवा बीजेपी के लिए गले की हड्डी बनी हुई है । जिनमें पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और ओबीसी नेता अल्पेश ठाकुर जैसे हार न मानने वाले युवा शामिल हैं।

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