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ग़ज़ल के शहंशाह मेहदी हसन के परिवार ने मांगी भारत सरकार से मदद

शहंशाह-ए-ग़जल मेहदी हसन के परिवार ने उनके कब्र की मरमत के लिए भारत सरकार से मदद की अपील की है। दरअसल, मेहदी हसन इंतकाल के बाद पाकिस्तान के सिंध प्रांत की सरकार ने उनकी याद में मजार और संग्रहालय बनाने का वादा किया था। लेकिन अभी तक उन्होंने यह काम पूरा नहीं किया।

मेहदी हसन के बेटे आरिफ मेहदी ने कराची कहा, “अब्बा के इंतकाल के बाद सिंध सरकार और पाकिस्तान सरकार ने वादा किया था कि एक साल के भीतर मजार बनाएंगे, लेकिन अभी तक सिर्फ कब्र के पास बाउंड्री बनी है।

आरिफ हसन ने बताया कि कब्र के आसपास गटर का पानी भरा है और बच्चे यहां क्रिकेट खेलते हैं। लोगों ने बकरियां पाल रखी है। कब्र का जगह नशेड़ियों का अड्डा बन गया है।

आरिफ मेहदी ने कहा कि वो पांच साल से सरकारी दफ्तरों का ख़ाक छान रहे हैं लेकिन इसका कोई अब तक फायदा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “अब हम थक गए हैं और भारत सरकार से अपील करते हैं कि अब्बा के मजार बनाने में आर्थिक मदद करे।”

वहीं दूसरी मेहदी हसन के छोटे बेटे और ग़जल गायक कामरान मेहदी ने भारत सरकार से अपील किया है वो उनके नाम पर एक कन्सर्ट के आयोजन में मदद करे। कामरान मेहदी ने कहा, “चूंकि अब्बा की पैदाइश भारत की थी तो वहां उनके मुरीदों की कमी नहीं है। मैं भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी से गुजारिश करना चाहता हूं कि वे उनकी (मेहदी हसन) की याद में लूना में कोई संगीत कन्सर्ट आयोजित करे जिसमें हम उनको श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी मशहूर गजलें गायेंगे।”

इसके बाद उन्होंने कहा, “यह न सिर्फ संगीत जगत को उनके योगदान को सलाम होगा बल्कि उनके (मेहदी हसन) चाहने वालों की मुराद भी इससे पूरी होगी।” गौतलब है कि मेहदी हसन का जन्म राजस्थान के झुंझनू जिले के लूना गांव में सन 1927 में हुआ था। लेकिन विभाजन के बाद उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था। मेहदी हसन की मृत्यु 13 जून 2012 को पाकिस्तान के आगा खां अस्पताल में हो गई थी।

 

 

 

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