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स्वास्थ्य मंत्री की ज़बान निकली काली, गोरखपूर में अगस्त ने तोड़ा मौतों का 3 साल का रिकॉर्ड

गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से हुई बच्चों की मौत के बाद यूपी सरकार सवालों के घेरे में थी । इन मौतों के बाद बीआरडी पहुंचे सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा था कि अगस्त में तो बच्चों की मौत होती है । स्वास्थ्य मंत्री का बयान सही साबित हो रहा है क्योंकि इस साल अगस्त में बच्चों की मौतों ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में इस साल अगस्त भर्ती बच्चों के लिए काल साबित हुआ है । अगस्त में 1583 मरीज भर्ती हुए जिनमें से 418 मासूमों की मौत हुई। इसमें इंसेफेलाइटिस, नवजात और दूसरी बीमारियों के कारण होने वाली मौतें शामिल हैं।

बीआरडी के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 में अगस्त में 1726 मरीज भर्ती हुए जिनमें 272 की मौत हुई। वर्ष 2015 में मरीजों की संख्या बढ़ कर 1953 हो गई मगर मौतों की संख्या में गिरावट हुई, इस साल 175 मासूमों की मौत बाल रोग विभाग में हुई। वर्ष 2016 में अगस्त महीने में 1575 मरीज भर्ती हुए जिसमें 277 की मौत हुई थी ।

बालरोग विभाग में इस साल सबसे ज्यादा मौतें अगस्त में ही हुई हैं। मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के मुताबिक इस साल जनवरी में 661 मरीज भर्ती हुए जिनमें 210 की मौत हुई। फरवरी में मरीजों की संख्या घटकर 631 हो गई, मौतों की संख्या भी गिरकर 180 रह गई। मार्च में एक बार फिर मरीजों व मौतों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई।

मार्च में 822 मरीज भर्ती हुए जिनमें 227 की मौत हुई। अप्रैल में 873 भर्ती 186 मौत, मई में 943 भर्ती 190 मौत, जून में 837 भर्ती 208 मौत और जुलाई में 990 मरीज भर्ती हुए जिनमें से 193 की मौत हुई।

बीआरडी के बालरोग विभाग में बीते 24 घंटे में 10 मासूमों की मौत हो गई। यह जानकारी जिला प्रशासन ने दी है। प्रशासन ने बताया कि इस समय बालरोग विभाग में 332 मरीज भर्ती है। मरने वालों में एक मरीज इंसेफेलाइटिस के भी हैं।

अगस्त में ज्यादा बच्चे मरते हैं वाले बयान के बाद यूपी सरकार की चारों तरफ़ आलोचना हुई थी । इसे सरकार का असंवेदनशील रवैया माना जा रहा था । सरकार ने पिछले सालों में बच्चों की मौत का आंकड़ा गिनाकर खुद को बचाना चाहा था ।

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