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चपरासी बनने के लिए भी डिग्री लेनी पड़ती है, लेकिन CM बिना डिग्री वाला भी बन सकता है: राजीव दीक्षित

भारत में विडंबना यह है कि यहां अज्ञानी ज्ञानी पर शासन कर रहा है। भगवत गीता में कहा गया है कि जब ऐसी स्थिति पैदा होती है तो समाज और देश बर्बाद हो जाते हैं।

यह बातें आजादी बचाओ आन्दोलन के संस्थापक राजीव दीक्षित ने कही थी। उन्होंने भारत की विडंबना पर दिए एक भाषण में कहा था, “भारत में कोई भी शैक्षणिक योग्यता के बिना नगरपालिका स्कूल का चौकीदार नहीं बन सकता, लेकिन किसी भी शैक्षिक योग्यता के बिना एक व्यक्ति सूबे का मुख्यमंत्री बन सकता है”।

उन्होंने कहा था, “वित्त मंत्रालय को अर्थशास्त्र के बारे में कुछ भी नहीं पता और जो देश को बचाने के लिए अपने बच्चों को नहीं भेजते हैं वे देश के रक्षा मंत्री बन जाते हैं। जिसे विज्ञान और तकनीकि का अंतर पता नहीं वह साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी का मंत्री है और जिसे इनमें से कुछ भी पता न हो वह देश का प्रधानमंत्री बन जाता है”।

राजीव दीक्षित ने कहा था, “यह उस देश का हाल है जिसे आज़ाद कराने के लिए 7 लाख 32 हज़ार लोगों ने कुरबानी दी थी। बहादुर स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे का परिवार आज चाय बेच रहा है, जबकि ग़द्दार मुख्यमंत्री बनकर सूबों पर राज कर रहे हैं। अंग्रेज़ों के इशारों पर काम करने वाले आज शासन कर रहे हैं”।

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