‘राजस्थान पत्रिका’ ने वसुंधरा सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए संपादकीय कॉलम ख़ाली छोड़ा

‘राजस्थान पत्रिका’ ने वसुंधरा सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए संपादकीय कॉलम ख़ाली छोड़ा
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राजस्थान के प्रमुख हिंदी दैनिक राजस्थान पत्रिका ने वसुंधरा सरकार की नीतियों के प्रति अपना विरोध दिखाते हुए राष्ट्रीय प्रेस दिवस (16 नवंबर) के मौके पर अपना संपादकीय कॉलम खाली छोड़ दिया है.

संपादकीय कॉलम को मोटे काले बॉर्डर से घेरते हुए अखबार ने लिखा है, ‘आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस यानी स्वतंत्र और उत्तरदायित्वपूर्ण पत्रकारिता का दिन है. लेकिन राजस्थान में राज्य सरकार द्वारा बनाए काले कानून से यह खतरे में है. संपादकीय खाली छोड़कर हम लोकतंत्र के हत्यारे ‘काले कानून’ का पूर्ण मनोयोग से विरोध करते हैं.’

बता दें कि राजस्थान सरकार ने दो विधेयक पेश किए थे, जिनको लेकर काफी विवाद और विरोध हुआ था विधेयक के अनुसार, मीडिया अगर सरकार द्वारा जांच के आदेश देने से पहले इनमें से किसी के नामों को प्रकाशित करता है, तो उसके लिए 2 साल की सजा का प्रावधान है.

 

इसके विरोध में राजस्थान पत्रिका ने कहा था कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जब तक मीडिया और लोकतंत्र का गला घोंटने वाले विवादित विधेयक को वापस नहीं लेतीं, तब तक अखबार उनका बहिष्कार करते हुए उनके या उनसे संबंधित किसी भी समाचार का प्रकाशन नहीं करेगा.

rajasthan patrika leaves its editorial blank

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