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मोदी पहले ‘ट्विटर रक्षकों’ को अनफॉलो करें, फिर गौरक्षकों को नसीहत दें- साध्वी खोसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौरक्षा और बीफ़ के नाम पर की जा रही हिंसा पर ट्वीट करते हुए कहाकि हिंसा करने वालों से सख्ती से निपटना चाहिए । इन्हीं ट्वीट को लेकर लेखिका साध्वी खोसला ने पीएम को नसीहत दी है ।

पीएम के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए साध्वी खोसला ने उनसे अपील की कि वो पहले “‘ट्विटर रक्षकों” को अनफॉलो करें। लेकिन हर बार की तरह पीएम मोदी और बीजेपी को चाहने वालों को साध्वी की सलाह नहीं पसंद आई और कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया ।

देश में पिछले कुछ वक्त से गाय और बीफ़ के नाम पर हिंसा और हत्याओं में इजाफ़ा हुआ है और गौरक्षकों के निशाने पर मुसलमान हैं । इस मुद्दे पर पीएम की चुप्पी को लेकर विपक्ष आरोप लगाता रहा है ।

पीएम मोदी ने कुछ मौकों पर कथित गौरक्षकों द्वारा हिंसा और हत्या की निंदा की है लेकिन विपक्ष इसे केवल अपना चेहरा बचाने की कवायद बताता रहा है। रविवार को किए ट्वीट में भी पीएम मोदी ने परोक्ष तौर पर गाय और बीफ के नाम पर हो रही हत्याओं की जिम्मेदारी राज्य सरकारों पर डाल दी।

 

 

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “कानून व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और जहां भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, राज्य सरकारों को इनसे सख्ती से निपटना चाहिए।”

बीजेपी पहले भी कहती रही है कि कानून-व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी है इसलिए ऐसी घटनाओं के लिए केंद्र सरकार को दोष देना ठीक नहीं। लेकिन इंडिया स्पेंड के डेटा के अनुसार केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से देश में गाय से जुड़ी हिंसा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

97 प्रतिशत मामले नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद हुए हैं। साल 2010 से 2017 के बीच हुई गाय से जुड़ी 63 घटनाओं में 57 प्रतिशत पीड़ित मुस्लिम थे। इन घटनाओं में कुल 28 भारतीय मारे गए जिनमें से 24 मुसलमान थे।

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