Wednesday , April 25 2018

विश्व समुदाय म्यांमार पर दबाव डाले, ताकि वह रोहिंग्या मुस्लिम को वापस बुलाए- सऊदी अरब

रियाद: एक शीर्ष सऊदी राहत अधिकारी ने गुरुवार को म्यांमार से कहा कि रोहंगिया शरणार्थियों को वापस लें और उन्हें शांति से रहने दें।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व मानवतावादी सहायता और राहत केंद्र के शीर्ष अधिकारी डॉ अब्दुल्ला अल- रबिया ने कहा कि प्रमुख वैश्विक शक्तियों को चाहिए कि मयांमार पर रोहिंग्या मुस्लिम पर हो रहे हिंसा व अत्याचार को रोकने के लिए दबाव डाले। ताकि वह अपने घर बार छोड़ कर पलायन न करें।

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उन्होंने कहा कि “मैं अपने सहयोगियों अमेरिका और ब्रिटेन जैसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चाहता हूं कि यह समय है म्यांमार सरकार पर दबाव डालने का, ताकि उन रोहिंग्या शरणार्थियों को वह वापस अपने देश में शांति और अधिकार के साथ रहने दें।”

उन्होंने कहा कि “मैं अपने सहयोगियों अमेरिका और ब्रिटेन जैसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चाहता हूं कि यह समय है म्यांमार सरकार पर दबाव डालने का, ताकि उन रोहिंग्या शरणार्थियों को वह वापस अपने देश में शांति और अधिकार के साथ रहने दें।”

उन्होंने कहा कि “मैं अपने सहयोगियों अमेरिका और ब्रिटेन जैसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चाहता हूं कि यह समय है म्यांमार सरकार पर दबाव डालने का, ताकि उन रोहिंग्या शरणार्थियों को वह वापस अपने देश में शांति और अधिकार के साथ रहने दें।”

संयुक्त राष्ट्र में वार्ता से पहले रबिया ने कहा कि सऊदी अरब पहले से ही 422,000 रोहिंग्याओं के लिए सहायता दे रहा है, जो 25 अगस्त से अबतक म्यांमार से बांग्लादेश आये हैं।

यह सहायता ज्यादातर बांग्लादेश में जा रही है, लेकिन इंडोनेशिया और मलेशिया के माध्यम से भी उन्हें सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा, कि “हम बांग्लादेश में शरणार्थियों की मदद के लिए भारी काम कर रहे हैं।”

बांग्लादेश ने गुरुवार को कहा कि म्यांमार से निकलने वाले 2,350 से अधिक रोहिंगिया घायल हैं, जिसमें बुलेट के घाव भी शामिल है।

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