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“विश्व हिंदू परिषद ने ‘राम मंदिर’ के नाम पर 1400 करोड़ रुपए का घोटाला किया”

लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर मसले पर एक नई बात सामने आई है। निर्मोही अखाड़े ने विश्व हिंदू परिषद पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने राम मंदिर के नाम पर 1400 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। उधर विश्व हिंदू परिषद ने इस आरोप को बेबुनियाद और निराधार कहा है।

निर्मोही अखाड़े के संत सीताराम ने कहा कि जितने फर्जी न्यास बने हैं वो मुसलमानों को मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रामलला यानि निर्मोही अखाड़ा और निर्मोही अखाड़ा यानि रामलला।

उन्होंने आगे कहा कि अगर वहां मस्जिद थी तो वहां मीनार क्यों नहीं थी और वहां नमाज क्यों नहीं पढ़ी जाती थी।

निर्मोही अखाड़े के ही महंत दीनेंद्र दास ने कहा कि रामलला वहां हमेशा थे, रामलला वहीं रहेंगे ना कि मस्जिद रहेगी। 1935 से निर्मोही अखाड़ा वहां पूजा पाठ कर रहा है।

संत सीताराम ने कहा कि 1400 करोड़ रुपया खा गए ये लोग, हम लोग रामजी के पुत्र हैं, सेवक हैं। हमें कभी भी पैसे की पेशकश नहीं हुई। नेता लोग पैसे खाकर बैठे हैं। सीताराम ने स्पष्ट कहा कि विश्व हिंदू परिषद ने घर-घर घूम कर एक-एक ईंट मांगी, पैसा जमा किया और फिर इस पैसे को खा गए।

उन्होंने कहा, ‘इसी पैसे से सरकार बनाई गई है। उन्होंने यहां तक कहा कि हमारी ओर से कोई पहल नहीं है। राम के नाम पर सरकार बनाई है, और अब पीछे हट गए हैं’।

उधर विहिप के विनोद बंसल ने कहा कि राम मंदिर के लिए विहिप ने कभी किसी से एक पैसा नहीं लिया। 1964 से हम लोग अस्तित्व में आए। तब से हर साल ऑडिट होता है। हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है।

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