Friday , December 15 2017

ट्रेनिंग के दौरान मुस्लिम फौजियों से अत्याचार करने पर ट्रेनर को 10 साल की क़ैद, नौकरी से भी निकाला

वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना के एक ट्रेनर को इसलिए दस साल कैद की सजा सुनाते हुए नौकरी से निकाल दिया गया कि वे लंबे समय तक अपने देशवासी लेकिन मुस्लिम सैनिकों के साथ जानबूझकर भेदभाव और अत्याचार करता रहा था। न्यूज़ एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार यह यह अमेरिकी सैन्य अधिकारी मेरीन कोर के पैदल दस्तों का एक अंडर ऑफिसर था, जो नये भर्ती किये गये अमेरिकी सैनिकों की ट्रेनिंग के कार्य का ज़िम्मेदार था। आरोपी एक व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग ले रहे मुस्लिम सैनिकों से अत्याचार करता था।

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अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार दस नवंबर को उसे कारावास और सेना की नौकरी से हटाने का आदेश एक सैन्य अदालत ने सुनाया। एएफ़पी के अनुसार अमेरिकी मरीन इन्फैंट्री के इस चीफ ट्रेनर पर आरोप था कि वह दक्षिण राज्य कैरोलिना में पेरिस आइलैंड के स्थान पर एक सैनिक अड्डे पर स्तिथ ट्रेनिंग सेंटर पर खास तौर पर नये भर्ती होने वाले मुस्लिम फौजियों से अत्याचार करता था।

इस तरह उन्होंने एक दर्जन अमेरिकी मुस्लिम सैनिकों से अपनी शक्तियों का नाजायज़ इस्तेमाल करते हुए बुरा व्यवहार किया। उन्होंने इनमें से एक ट्रेनिंग ले रहे मुस्लिम सैनिक पर ट्रेनिंग के नाम पर इतना अत्याचार किया था कि वह अपने ट्रेनिंग सेंटर के दूसरे मंजिल से गिर कर मर गया था। बाद में 2016 में होने वाले इस घटना को सेंटर के सीनियर अधिकारियों ने ‘आत्महत्या’ क़रार दे दिया था।

इस मामले में सैन्य अदालत की आठ पुरुषों और महिलाओं पर शामिल जूरी ने आरोपी को दस साल कैद की सजा सुनाया। इस मुकदमे में जिस ट्रेनर को सज़ा सुनाई गई, वह इराक की जंग में अमेरिकी मरीन कोर की ओर से भाग ले चूका है। इस मामले में संदिग्धों की कुल संख्या छह थी, जो
मुस्लिम थे और वे नये भर्ती किये गये सैनिक थे।

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