Sunday , July 22 2018

टेरर फंडिंग: लश्कर-ए-तैयबा के फाइनेंसर अंकित गर्ग व आदीश जैन यूपी के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर जिले के दो सर्राफा कारोबारियों दिनेश उर्फ अंकित गर्ग व आदीश कुमार जैन को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने  गिरफ्तार कर लिया है। दोनों कुख्यात आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ के फाइनेंसर हैं और दोनों हवाला कारोबार से भी जुड़े थे। एनआईए ने तीन फरवरी को दोनों के घरों व प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर लगभग 48 लाख रुपये नकदी व नोट गिनने की मशीन समेत कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे।

इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस प्रकरण में गिरफ्तार होने वाले अभियुक्तों की संख्या बढ़कर 7 हो चुकी है।

तीन फरवरी को एनआईए व एटीएस ने मुजफ्फरनगर से सराफा कारोबारी 34 वर्षीय दिनेश गर्ग उर्फ अंकित गर्ग पुत्र नारायण दास गुप्ता और 54 वर्षीय आदीश कुमार जैन पुत्र स्व. श्रीराम जैन के चार ठिकानों पर छापा मारा था। लंबी पूछताछ के बाद एनआईए ने गुरुवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों सउदी अरब के कुछ भारतीय मूल के सोने के तस्करों से टेलीफोन के माध्यम से संपर्क में थे और सोने की खरीद-फरोख्त में हवाला के माध्यम से लश्कर के एजेंटों से लेन-देन कर रहे थे।

 

इससे पहले एनआईए मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले संजीव शर्मा उर्फ आदिल को 10 जुलाई 2017 को कश्मीर से गिरफ्तार कर चुकी है। वह धर्म परिवर्तन कर आतंकी बन गया था और लश्कर-ए-तैयबा संगठन में शामिल हो गया था। अब एनआईए द्वारा मुजफ्फरनगर के दो और लोगों की गिरफ्तारी के बाद से स्पष्ट हो गया है कि यहां के कुछ लोग एलईटी से जुड़े हुए हैं।

मुजफ्फरनगर में छापे के दौरान दिनेश गर्ग उर्फ अंकित गर्ग के पास से 15 लाख रुपये नकद, नोट गिनने वाली दो मशीनें, एक भारतीय पस्टिल, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन व कुछ दस्तावेज बरामद हुए थे। इसी तरह आदीश कुमार जैन के घर व दुकान से 32.84 लाख रुपये, एक चीन नर्मिति पस्टिल, दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, कुछ दस्तावेज एवं सउदी अरब, यूएई, कतर, अमेरिका, जापान, थाइलैंड व ओमान की मुद्रा बरामद हुई थी।

 

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