Friday , April 20 2018

2011 से नहीं, मोदी राज में ही हुआ PNB घोटाला- CBI की एफआईआर

अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने 2011 नहीं, बल्कि 2017 और 2018 के बीच ही पंजाब नेशनल बैंक से 11,300 करोड़ रुपये की घोखाधड़ी की थी. सीबीआई की तरफ से दर्ज एफआईआर में यह बताया गया है.

पंजाब नेशनल बैंक में हुए इस घोटाले की दूसरी FIR में CBI ने कहा है कि लगभग 5000 करोड़ रुपये के LoU (letters of undertaking) साल 2017 में जारी किये गये. साथ ही अनेक देशी और विदेशी बैंको के नाम सामने आये हैं जिन्होंने पीएनबी के कहने पर घोटालेबाजों के लिए विदेशों में पैसे अदा किए.

वहीं अगर यह स्कैम 2011 में शुरू हुआ, तो गबन की गई रकम 11,300 करोड़ रुपये से काफी ऊपर हो सकती है.

जांच एजेंसियों ने इस मामले में पीएनबी से और दस्तावेज मांगे हैं. साथ ही मामा मेहुल चौकसी और भांजे नीरव मोदी के विदेशों में स्थित चार बड़े शोरुमों में हीरे-जवाहरातों की बिक्री पर रोक लगाने को कहा है. CBI ने 4,886 करोड़ रुपये के घोटाले में ये FIR मेहुल चौकसे, उसकी गीतांजलि समेत तीन कंपनियों, उनके पदाधिकारियों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ की है. CBI का ये FIR कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप को एक नया मोड़ दे रहा है

CBI की इस दूसरी FIR के मुताबिक ज्यादातर एलओयू साल 2017 में जारी किये गये जिनकी आखिरी मियाद मई 2018 तक थी. यानी बैंक के डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी घोटालेबाजों के लिए अपनी रिटायरमेंट तक एलओयू जारी करता रहा. इस एफआईआर में कई और बैंको के नाम भी सामने आये है, जिन्होंने पीएनबी के कहने पर मॉरिशस, बहरीन, हांगकांग, फ्रैंकफर्ट जैसे देशों में घोटालेबाजों के लिए करोड़ों की रकमें अदा की. इनमें एसबीआई, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक जैसे नाम शामिल हैं और इन बैंको को अब पीएनबी से पैसे लेने हैं.

FIR देखकर ऐसा लगता है कि 11,500 करोड रुपये में से लगभग 5000 करोड़ रुपये का घोटाला बीजेपी के शासनकाल में ही हुआ. लेकिन जांच एजेंसी के आला अधिकारियों का कहना है कि मामला कुछ और भी हो सकता है. जांच एजेंसी के एक आला अधिकारी ने बताया कि इसमें ज्यादातर मामलों में रोल बैक के भी हो सकते है. इसके चलते जांच एजेंसियों ने पीएनबी से और दस्तावेज भी मांगे है जिससे पता चल सके कि घोटाला कब हुआ था.

घोटालेबाजों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से मामा-भांजे के बड़े विदेशी शोरुमों में खरीद बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है और इससे जुड़े निर्देश मामा-भांजे की मुंबई स्थित कंपनियों के हेडक्वार्टर्स को भेज दिये गये हैं. केन्द्रीय एजेंसियों की छापेमारी आज भी जारी रहने की संभावना है.

वहीं इससे पहले ईडी ने नीरव मोदी के खिलाफ एक और केस दर्ज किया है. ईडी ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को 23 फरवरी को अपने मुंबई स्थित दफ्तर में पेश होने के लिए समन किया है. वहीं शुक्रवार को नीरव मोदी के 11 राज्यों में स्थित 35 ठिकानों पर भी ईडी ने छापा मारा है. बताया जा रहा है कि छापेमारी की कार्रवाई में ईडी ने 549 करोड़ रुपये के हीरे और सोना बरामद किया है.

 

 

गुरुवार और शुक्रवार को मारे गए छापे में कुल 5649 करोड़ रुपये की 29 अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं. आयकर विभाग (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) ने शुक्रवार को चोरी जांच के सिलसिले में अस्थायी रूप से हीरा कारोबारी और उसके परिवार की 29 संपत्तियां और 105 बैंक खातों को कुर्क कर दिया है.

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