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चुनावी हलफ़नामे में घालमेल करना नीतीश कुमार को पड़ा महंगा, SC ने नोटिस भेजकर माँगा जवाब

चुनावी हलफनामे में तथ्य छिपाने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अयोग्य घोषित करने की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने इस बारे चार हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्र, जस्टिस अमिताभ रॉय और जस्टिस एएम खानविलकर की बेंच कर रही है।

वकील मनोहरलाल शर्मा ने याचिका दायर कर कहा कि नीतीश ने हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामलों को छिपाया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नीतीश के खिलाफ एक आपराधिक मामला चल रहा है।

नीतीश 1991 में बाढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव से पहले कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में आरोपी हैं। कोर्ट से मांग की गई है कि इस मामले में नीतीश के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश जारी किया जाएं। साथ ही निर्वाचन आयोग के 2002 के आदेश के मुताबिक नीतीश की सदस्यता रद्द की जाए।

निर्वाचन आयोग के इस आदेश के मुताबिक उम्मीदवारों को नामांकन के समय हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का ब्यौरा देना पड़ेगा।

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