Tuesday , December 12 2017

रोहिंगिया मुसलमान इंसान तो हैं लेकिन किसी देश के नागरिक नहीं!

म्यांमार के रोहिंगिया मुस्लिमों को अपने ही देश में अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। म्यांमार देश इन्हें अपना नागरिक नहीं मानता और इनके अधिकारों पर भी पाबंदी लगा रखी है। जीवन की बुनियादी ज़रूरतें भी इन लोगों को नहीं दी जा रही है।

म्यांमार इन लोगों को बंगाली बताते हुए बांग्लादेश से आए अवैध रूप से अप्रवासी बताता है। बांग्लादेश भी इन लोगों को अपना नागरिक मानने से इंकार करता है। 2012 में बड़े स्तर पर हुई हिंसा के बाद एक लाख रोहिंगिया मुस्लिमों को म्यांमार से बाहर निकाल दिया गया।

वहीँ भारत में रोहिंगिया मुस्लिमों को एक दानशाली संस्था ज़कात फ़ाउंडेशन द्वारा दी गयी ज़मीन पर रहने को मजबूर होना पड़ा। ये शरणार्थी बेहद बुरी स्तिथि में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। प्लाई और कार्ड्बॉर्ड से बने मकानो में यह लोग रहते हैं। इनके इलाकें में मक्खियों की भरमार है।

भारत में ये लोग हैदराबाद, जम्मू, मेवात, दिल्ली और उत्तरप्रदेश के कुछ इलाक़े में रहते हैं। इन लोगों को लंबा वीज़ा और युएनएचसीआर कॉर्ड उपलब्ध कराए गए हैं।

कुछ शरणार्थियों के अनुसार भारत में कभी कभी भगवा रंग के कपड़े पहने लोग आकर इनको  धमकी देते हैं और पाकिस्तान जाने के लिए कहते हैं।

 

 

 

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