योगी के मंत्री सूर्यप्रताप शाही को गिरफ्तार और संपत्ति कुर्क करने का आदेश

योगी के मंत्री सूर्यप्रताप शाही को गिरफ्तार और संपत्ति कुर्क करने का आदेश
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उत्‍तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ कुशीनगर की एक स्‍थानीय अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW)जारी किया है। ये वारंट  24 साल पुराने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में एसीजेएम कसया चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के खिलाफ गैर ]जारी किया है। कोर्ट ने एसओ कसया को गैर जमानती वारंट व संपत्ति कुर्क के आदेश का तामिला कराकर आगामी 19 फरवरी को उन्हें न्यायालय में हाजिर कराने का आदेश दिया है।

कसया तहसील के सरकारी संग्रह अमीन चन्द्रिका सिंह ने सूर्यप्रताप शाही के खिलाफ वर्ष 1994 में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा कसया थाने में दर्ज कराया था। पुलिस द्वारा कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इस पर श्री शाही कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत करा लिए थे। 14 मई 2007 से ही इस मामले में कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।

मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया ने पिछले 11 सालों से मुकदमे की सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने पर कैबिनेट मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट व उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने एसओ कसया को दोनों आदेश का तामिला कराकर 19 फरवरी को न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस संबंध में एसओ गजेंद्र राय का कहना रहा कि तामीला के लिए वारंट अभी उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।

एसीजेएम ने कुशीनगर पुलिस को उनकी संपत्ति कुर्क करने का भी आदेश सुनाया। इस आदेश की तामील के लिए कसया एसएचओ को नोटिस देकर उन्‍हें इस संबंध में अदालत को सूचना देने को कहा गया है।

सूर्य प्रताप शाही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रास्‍ते भाजपा में आए। राम जन्‍मभूमि आंदोलन में शाही सक्रिया रहे और 1980 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े, मगर हार गए। 1985 में पहली बार विधायक बने और दो साल बाद यूपी सरकार में मंत्री भी बन गए। 1991 में उन्‍हें गृह राज्‍यमंत्री बनाया गया। 1992 में उन्‍होंने स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय संभाला। यह मामला इसी कार्यकाल से जुड़ा हुआ है।

शाही 2005 से 2015 तक भाजपा प्रदेश उपाध्‍यक्ष रहे, फिर अध्‍यक्ष बने। उनके पिता संघ के जिला संचालक थे और चाचा जनता पार्टी सरकार में मंत्री रहे थे।

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