Friday , April 27 2018

मुजफ्फरनगर में गैर-दलित अपराधियों ने की थी हिंसा की शुरुआत : उत्तर प्रदेश पुलिस

उत्तर प्रदेश के डीजीपी (मुख्यालय) ने मंगलवार को कहा कि मुजफ्फरनगर हिंसा की प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि दलितों के अलावा अन्य जातियों से जुड़े आपराधिक तत्व भी प्रदर्शनकारियों के साथ थे जो हिंसा और आगजनी में शामिल थे, जिसमें सोमवार के भारत बंद के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस ने दावा किया कि ऐसे तत्वों को वीडियो की मदद से पहचान लिया गया है और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास चल रहे हैं।

अतिरिक्त डीजीपी (कानून और व्यवस्था) आनंद कुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हम राज्य भर में हिंसा के पीछे एक साजिश की संभावना से इंकार नहीं करते हैं। मुजफ्फरनगर में, हमारे पास साबित करने के सबूत हैं कि समाजविरोधी तत्व प्रदर्शनकारियों के साथ थे और हिंसा में शामिल हो गए।

वे (ये तत्व) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के समुदायों के नहीं थे। उन्होंने कहा कि हमने इस घटना के वीडियो फुटेज के पहलुओं को स्कैन कर उन लोगों की पहचान की है।

बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को मेरठ में कथित तौर पर हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार करने के एक दिन बाद पुलिस ने मंगलवार को उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत होने का दावा किया, जबकि मेरठ की महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि उनके पति निर्दोष हैं और पुलिस पर उनको गिरफ्तार करने का आरोप लगाया।

आगरा और मुजफ्फरनगर जिलों में निलंबित इंटरनेट सेवाओं को मंगलवार को बहाल किया गया था। पुलिस के अनुसार सोमवार की हिंसा और आगजनी में शक के आधार पर मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हापुड, गाजियाबाद, आगरा और आज़मगढ़ जिलों से 550 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि इन प्रभावित जिलों में 125 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। बसपा नेता योगेश वर्मा की गिरफ्तारी के बारे में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कुमार ने कहा कि पुलिस सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। योगेश वर्मा को घटनास्थल से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह हिंसा को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा था।

उधर, सुनीता के अनुसार मेरठ के जिलाधिकारी अनिल ढींगरा और एसएसपी मंजिल सैनी ने सोमवार को उनके पति को कंकरखेड़ा पुलिस स्टेशन में बुलाया था और उनसे कहा था कि वे प्रदर्शनकारियों को शांत करें और उन्होंने इसके लिए प्रयास किये। सुनीता ने आरोप लगाया कि घर वापस आने के कुछ घंटों के बाद उन्हें फिर से बुलाया गया और हिंसा के लिए लोगों को उकसाने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया। उसने यह भी दावा किया कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते दिखा जिसमें उनके पति लोगों को संबोधित कर रहे हैं जो फ़र्ज़ी है।

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