Saturday , July 21 2018

JNU: फ्रीडम स्क्वायर के 100 मीटर के दायरे में विरोध-प्रदर्शन करने पर कोर्ट ने लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने जवारहलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के ‘फ्रीडम स्क्वायर’ यानी ऐड ब्लॉक पर किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अब ऐड ब्लॉक के 100 मीटर के दायरे में कोई भी विरोध-प्रदर्शन करना अपराध माना जाएगा।

दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव सचदेव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर इस आदेश को लागू करने के लिए पुलिस बल का प्रयोग करने की जरूरत पड़े तो किया जाए।

हालांकि, अदालत ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से यह भी कहा कि वह किसी तरह की अप्रिय घटना के मामले में छात्र-छात्राओं से निपटने के तरीके के बारे में असंवेदनशीलता न दिखाए।

बता दें कि प्रशासनिक भवन के आसपास प्रदर्शन रोकने की मांग जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार के तरफ से की गई थी। उन्होंने कहा कि छात्र चाहें तो प्रशासनिक भवन की जगह कमल कॉम्प्लेक्स के पीछे या टेफ्लास के पास, जहां पर छात्रसंघ का कार्यालय है वहां आंदोलन और प्रदर्शन कर सकते हैं।

वहीं दूसरी तरफ कोर्ट के आदेश पर जेएनयू छात्रसंघ के मोहित पांडेय ने कड़ी आपत्ति जाताई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना हमारा मौलिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आदेश के पीछे कुलपति का हाथ है। कुलपति छात्रों का अधिकार छीनना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि जेएनयू का फ्रीडम स्क्वायर छात्रों के लिए आजादी का प्रतीक रहा है। छात्र यहां अपनी बातों को मनवाने के लिए इकठ्ठा होते हैं। चाहे वो कन्हैया और उमर खालिद की अवैध गिरफ्तारी हो या रोहित वेमुला की आत्महत्या और नजीब अहमद के लापता होने का मामला, यहां छात्र जमा होकर अपनी बातों के प्रशासन के सामने रखते आए हैं।

 

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