Wednesday , September 19 2018

अच्छे दिन- सब्जियों की कीमत में 60 फीसदी तक उछाल, थोक महंगाई बढ़ी

खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई दर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्याज और सब्जियों सहित खाने-पीने के सामान के दाम बढऩे से नवंबर में थोक मुद्रास्फीति 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गई। इस साल अप्रैल के बाद यह सबसे ऊंची दर है। अप्रैल में यह 3.85 प्रतिशत दर्ज की गई थी। अक्टूबर में यह 3.59 फीसदी रही थी। पिछले साल नवंबर में थोक महंगाई दर 1.82 फीसदी थी।

मौसमी सब्जियों की कीमत में भी 59.80 प्रतिशत का इजाफा हुआ। अक्टूबर में इन सब्जियों के दाम 36.61 प्रतिशत बढ़े थे। प्रोटीन वाले उत्पादों मसलन अंडा, मांस और मछली की श्रेणी में महंगाई की दर 4.73 प्रतिशत रही। इससे पिछले महीने यह 5.76 प्रतिशत थी। नवंबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई की दर बढ़कर 6.06 प्रतिशत हो गई, जो अक्टूबर में 4.30 प्रतिशत थी। मैनुफैक्चर्ड वस्तुओं की महंगाई की दर 2.61 प्रतिशत पर लगभग स्थिर रही। पिछले महीने यह 2.62 प्रतिशत थी।

इससे पहले केंद्रीय सांख्यिकी कायार्लय (सीएसओ) ने मंगलवार को खुदरा महंगाई दर और औद्योगिक उत्पादन (आइआइपी) के आंकड़े जारी किए थे। इसके मुताबिक नवंबर महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 15 महीने के सबसे ऊंचे स्तर 4.88 फीसदी पर पहुंच गई। खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में तीव्र वृद्धि के कारण ऐसा हुआ। खनन और विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के कारण अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन (आइआइपी) की वद्धि दर भी घटकर 2.2 फीसदी पर आ गई।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार कहा था कि जुलाई-सितंबर में वद्धि दर में सुधार के बाद पिछली कुछ तिमाहियों से वृद्धि में गिरावट का सिलसिला रुका है। जुलाई-सितंबर की तिमाही में आर्थिक वद्धि दर 6.3 प्रतिशत रही है, जो इससे पिछली तिमाही में 5.7 प्रतिशत के तीन साल के निचले स्तर पर आ गई थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर में 3.58 प्रतिशत पर थी। लेकिन, आंकड़ों से लगता है कि अर्थव्यवस्‍था अभी भी सुस्ती से पूरी तरह उबर नहीं पाई है।

TOPPOPULARRECENT