Wednesday , April 25 2018

‘बहुविवाह’ परंपरा पर मुस्लिम महिला सर्वोच्च न्यायालय पहुंची

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय द्वारा तीन तलाक को खत्म करने के कुछ महीने बाद शीर्ष अदालत में एक मुस्लिम महिला ने याचिका दायर कर मांग की है कि मुस्लिमों में बहुविवाह की परंपरा को ‘असंवैधानिक’ घोषित किया जाए। याचिका में कहा गया कि बहुविवाह मुस्लिम महिलाओं को मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं।

इससे पहले गत दिनों दिल्ली भाजपा के नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने भी बहुविवाह और निकाह हलाला को लेकर याचिका दायर की थी जिसे महिलाओं के मौलिक अधिकार के लिए नुकसानदेह बताया था। गौरतलब है कि बहुविवाह में व्यक्ति को एक से अधिक पत्नी की अनुमति मिलती है।

याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) की धारा-2 को असंवैधानिक करार दिया जाना चाहिए क्योंकि यह मनमाना है। साथ ही यह मौलिक अधिकारों (संविधान के अनुच्छेद-14, 15 और 21) के खिलाफ है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को असंवैधानिक घोषित करते हुए कहा था कि यह धर्म का अभिन्न अंग नहीं है। साथ ही कहा था कि हलाला और बहविवाह मुद्दे को वह बाद में सुनेगा।

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