NPR और NRC को लागू न करने को लेकर झारखण्ड विधानसभा में प्रस्ताव पारित

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झारखंड विधानसभाके बजट सत्र में सोमवार को भोजनावकाश के बाद भारी शोर-शराबे और हंगामे के बीच सदन में एनपीआर और एनआरसी को लेकर एक प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव में झारखंड में वर्ष 2010 के प्रपत्र में ही राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर (एनपीआर) तैयार करने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू नहीं करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया गया है।
भोजनावकाश के बाद सदन में राज्य के संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने जैसे ही एनपीआर और एनआरसी को लेकर प्रस्ताव सदन के पटल पर  रखा, भाजपा के विधायकों ने इसके खिलाफ ज़ोरदार विरोध किया , कई सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष के भी कई सदस्य इस प्रस्ताव के समर्थन में अपने स्थान पर उठकर खड़े हो गये और राज्य सरकार के फैसलेका स्वागत किया।
इसी <दौरान सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन ने राजस्व विभाग समेत अन्य विभागों की अनुदान मांगों को गिलोटिन के माध्यम से ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान की, तथा तत्संबंधीविनियोग विधेयक को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी ।