NSG में सदस्यता को इतना महत्व देना अनावश्यक था, नाकामी से भारत को चोट पहुंची- वैज्ञानिक एम आर श्रीनिवासन

NSG में सदस्यता को इतना महत्व देना अनावश्यक था, नाकामी से भारत को चोट पहुंची- वैज्ञानिक एम आर श्रीनिवासन
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हैदराबाद। प्रसिद्ध वैज्ञानिक और परमाणु उर्जा आयोग (एईसी) के सदस्य एम आर श्रीनिवासन ने कहा है कि केंद्र का परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के मुद्दे पर जोर देना अनावश्यक, अवांछित और गलत सलाह थी।

उन्होंने कहा कि यदि इस बारे में परमाणु उर्जा आयोग (एईसी) से सलाह ली जाती तो वह सरकार को इससे बचने को कहता। एईसी परमाणु उर्जा विभाग (डीएई) के अधीन आता है। एईसी देश में परमाणु उर्जा संबंधी गतिविधियां देखता है।

एईसी के पूर्व प्रमुख श्रीनिवासन ने कहा कि एनएसजी की सदस्यता से भारत के परमाणु व्यापार पर कोई अंतर नहीं पड़ता क्योंकि भारत ने रियेक्टरों और यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दूसरों देशों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किया हुआ है।

उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘भारत ने एनएसजी में प्रवेश को एक बड़ा मुद्दा बना दिया। यह बिल्कुल अनावश्यक था क्योंकि 2008 में मिली छूट से हम पहले ही परमाणु उन्नत देशों के साथ परमाणु व्यापार करने में सक्षम हैं और हम रियेक्टर परियोजनाओं के लिए पहले ही रूस, फ्रांस एवं अमेरिका से समझौते कर चुके हैं।

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